Jharkhand News: झारखंड में पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं को दी जाने वाली सरकारी साइकिल योजना में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है. राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को सौंपी गई रिपोर्ट के अनुसार पिछले तीन वर्षों में लाभुक विद्यार्थियों की संख्या में लगातार कमी आई है, जिससे सरकार की चिंता बढ़ गई है.
सरकार द्वारा साइकिल वितरण का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में छात्रों की नियमित उपस्थिति बढ़ाना और उन्हें स्कूल आने-जाने में सुविधा देना है. अब आयोग इस बात की जांच करेगा कि आखिर लाभुकों की संख्या लगातार क्यों घट रही है. आयोग के प्रतिनिधि एक दिवसीय दौरे के बाद लौट चुके हैं और विभाग से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है.
वित्तीय वर्ष 2023-24 में कुल 1 लाख 49 हजार 679 विद्यार्थियों के बीच साइकिल वितरित की गई थी. इनमें 74 हजार 243 छात्र और 75 हजार 436 छात्राएं शामिल थीं. इसके बाद 2024-25 में लाभुकों की संख्या घटकर 1 लाख 31 हजार 182 रह गई. इस वर्ष 65 हजार 600 छात्र और 65 हजार 582 छात्राओं को साइकिल दी गई. यानी एक ही वर्ष में 18 हजार से अधिक की कमी दर्ज की गई.
वहीं 2025-26 में यह संख्या और घटकर 1 लाख 12 हजार 793 पहुंच गई. इस वर्ष 55 हजार 822 छात्र और 56 हजार 971 छात्राओं को साइकिल का लाभ मिला. यह पिछले वर्ष की तुलना में करीब 19 हजार कम है. लगातार तीसरे वर्ष गिरावट ने सरकार और आयोग दोनों की चिंता बढ़ा दी है.
राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए विभागीय अधिकारियों को जल्द विस्तृत रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया है. राज्य सरकार के प्रतिनिधियों ने आयोग को आश्वस्त किया है कि विभाग से जानकारी लेकर जल्द रिपोर्ट उपलब्ध करा दी जाएगी.
जिलेवार आंकड़ों में रांची में 2193 छात्र और 2460 छात्राएं, पाकुड़ में 623 छात्र और 858 छात्राएं, दुमका में 3231 छात्र और 3184 छात्राएं, सिमडेगा में 1 छात्र और 3 छात्राएं, लोहरदगा में 223 छात्र और 232 छात्राएं, खूंटी में 273 छात्र और 268 छात्राएं, सरायकेला में 2021 छात्र और 2004 छात्राएं, साहिबगंज में 2726 छात्र और 2881 छात्राएं, जमशेदपुर में 1512 छात्र और 1479 छात्राएं, चाईबासा में 1936 छात्र और 1963 छात्राएं शामिल हैं.
लातेहार में 1109 छात्र और 1076 छात्राएं, जामताड़ा में 2306 छात्र और 2177 छात्राएं, गुमला में 661 छात्र और 673 छात्राएं, देवघर में 4800 छात्र और 4200 छात्राएं, धनबाद में 343 छात्र और 476 छात्राएं, गढ़वा में 4281 छात्र और 4371 छात्राएं, बोकारो में 3950 छात्र और 4128 छात्राएं, चतरा में 1550 छात्र और 1500 छात्राएं, गिरिडीह में 7928 छात्र और 8542 छात्राएं, गोड्डा में 3597 छात्र और 3648 छात्राएं, पलामू में 2730 छात्र और 2745 छात्राएं, हजारीबाग में 3706 छात्र और 3787 छात्राएं, कोडरमा में 2649 छात्र और 2746 छात्राएं तथा रामगढ़ में 1473 छात्र और 1510 छात्राएं लाभुक बने हैं.
आंकड़े बताते हैं कि योजना का दायरा सिमट रहा है. अब यह देखना अहम होगा कि आयोग की जांच के बाद इस गिरावट के पीछे के वास्तविक कारण क्या सामने आते हैं और सरकार इसे रोकने के लिए क्या कदम उठाती है.