Jharkhand News: झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने राज्य में नाबालिग लड़कियों के लगातार गायब होने की घटनाओं पर गहरी चिंता जताते हुए पुलिस प्रशासन को सीधे निर्देश जारी किए हैं. राज्यपाल के निर्देश पर उनके अतिरिक्त मुख्य सचिव नितिन कुलकर्णी ने डीजीपी (DGP) को एक पत्र भेजा है, जिसमें स्पष्ट कहा गया है कि इन मामलों की जांच प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द पूरी की जाए. राज्यपाल ने पुलिस की वर्तमान कार्यप्रणाली पर असंतोष जताते हुए आदेश दिया है कि हर जिले में लंबित मामलों की नई सूची तैयार कर लोकभवन भेजी जाए.
पुलिस की सुस्ती पर लोकभवन का हंटर
लोकभवन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि राज्य में नाबालिगों के लापता होने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन पुलिस की ओर से समय पर उचित कदम नहीं उठाए जा रहे. इसी सुस्ती के कारण कई बार स्थितियां और भी गंभीर हो जाती हैं. राज्यपाल ने डीजीपी को स्पष्ट निर्देश दिया है कि अपराधियों के मन में कानून का ऐसा खौफ होना चाहिए कि वे इस तरह के अपराधों से पहले सौ बार सोचें. लोकभवन ने हर जिले के पेंडिंग केस की जिलावार ताजा लिस्ट तलब की है, ताकि मॉनिटरिंग सीधी की जा सके.
हर बेटी की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने अपने पत्र में साफ किया है कि झारखंड की हर बेटी को सुरक्षित और निडर माहौल मिलना चाहिए. उन्होंने कहा कि बेटियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा. गौरतलब है कि राज्य के विभिन्न हिस्सों से राज्यपाल को लगातार ज्ञापन मिल रहे थे, जिनमें लापता लड़कियों के मामलों में पुलिसिया सुस्ती की शिकायत की जा रही थी. इसी के बाद राज्यपाल ने पूरे राज्य में विशेष समीक्षा करने और जांच में तेजी लाने का कड़ा निर्देश दिया है.
अपराधियों में कानून का डर पैदा करने का आदेश
राज्यपाल का यह पत्र पुलिस प्रशासन के लिए एक बड़ा अल्टीमेटम है. उन्होंने डीजीपी को निर्देश दिया है कि केवल जांच पूरी करना ही काफी नहीं है, बल्कि ऐसा वातावरण बनाना होगा जहां लड़कियां सुरक्षित महसूस कर सकें. आने वाले दिनों में सभी जिलों के एसपी को अपने-अपने क्षेत्र के लंबित मामलों की प्रगति रिपोर्ट देनी होगी. लोकभवन की इस सक्रियता के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि लापता लड़कियों की बरामदगी के लिए विशेष अभियान चलाए जाएंगे और आरोपियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी.