Dhanbad: झारखंड के धनबाद जिले के महुदा थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां ट्रक चोरी की एक साधारण लगने वाली घटना ने जांच के दौरान बड़ा मोड़ ले लिया। शुरुआती तौर पर दर्ज कराई गई चोरी की शिकायत पूरी तरह से फर्जी निकली और पुलिस की गहन जांच में एक सुनियोजित साजिश का खुलासा हुआ। इस पूरे मामले में सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि ट्रक चोरी का नाटक रचने वाला कोई और नहीं, बल्कि खुद वाहन का मालिक निकला, जिसने पुलिस को गुमराह करने के लिए पूरी कहानी गढ़ी थी।
सीसीटीवी जांच में खुला राज, ट्रक मिला फैक्ट्री परिसर से
डीजे कॉलोनी, छत्रुटांड़ निवासी अविनाश कुमार राय ने अपने 18 चक्का ट्रक (JH 02 BK 6340) के चोरी होने की शिकायत महुदा थाना में दर्ज कराई थी। शिकायत के बाद पुलिस ने जब घटनास्थल और आसपास के टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज की जांच की, तो ट्रक के वहां से गुजरने का कोई प्रमाण नहीं मिला। इससे पुलिस का शक गहराया और तकनीकी जांच के साथ-साथ गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए राजगंज स्थित रेणुका इस्पात प्राइवेट लिमिटेड परिसर से ट्रक को बरामद कर लिया गया, जहां से कुछ स्क्रैप पहले ही उतारा जा चुका था।
पूछताछ में कबूली साजिश, कई लोग शामिल
मंगलवार को महुदा थाना के निरीक्षण के दौरान धनबाद के ग्रामीण एसपी एस. मोहम्मद याकूब ने आरोपी अविनाश से कड़ी पूछताछ की। सख्ती के बाद उसने अपना जुर्म स्वीकार करते हुए बताया कि कांड्रा बस्ती के बब्लू शेख, निमाई महतो, राहुल और प्रकाश के साथ मिलकर स्क्रैप को अवैध तरीके से बेचने की योजना बनाई गई थी। इसके लिए फर्जी ई-वे बिल तैयार कर माल को मो. इम्तियाज सन्स के नाम पर खपाने की साजिश रची गई थी।
रेणुका इस्पात प्रबंधन भी जांच के घेरे में
इस मामले में महुदा थाना के सहायक अवर निरीक्षक विनोद कुमार सिंह के लिखित आवेदन के आधार पर मामला दर्ज किया गया है, जिसमें बीएनएस की विभिन्न धाराओं 303, 317, 238, 318, 338, 336 और 61 के तहत कार्रवाई की जा रही है। प्राथमिकी में ट्रक मालिक अविनाश कुमार राय के साथ-साथ निमाई महतो, बबलू शेख, राहुल, प्रकाश, मो. इम्तियाज सन्स और रेणुका इस्पात प्राइवेट लिमिटेड के मालिक व इंचार्ज को भी नामजद आरोपी बनाया गया है, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
मुख्य आरोपी जेल भेजा गया, बाकी की तलाश जारी
महुदा थाना पुलिस ने मुख्य आरोपी अविनाश कुमार राय को गिरफ्तार कर बुधवार को न्यायिक हिरासत में धनबाद जेल भेज दिया है। वहीं, अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। जांच के दौरान रेणुका इस्पात प्रबंधन की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। इस पूरे मामले के खुलासे ने ट्रांसपोर्ट और स्क्रैप कारोबार में चल रही अवैध गतिविधियों की परतें खोल दी हैं, जिससे कई बड़े नेटवर्क के सामने आने की संभावना जताई जा रही है।