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  • 2026-04-26

Jharkhand News: झारखंड के विकास को मिली नई रफ्तार, वित्त वर्ष 2026-27 के बजट खर्च में गृह और विधि विभाग सबसे आगे

Jharkhand News: झारखंड सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत विकास कार्यों को धरातल पर उतारने के साथ की है. राज्य का कुल बजट लक्ष्य 1,38,801.77 करोड़ रुपये निर्धारित है, जिसमें से शुरुआती हफ्तों में ही 218.55 करोड़ रुपये जन कल्याणकारी योजनाओं पर खर्च किए जा चुके हैं. वर्तमान में राज्य के कोषागार (Treasury) को 10,697.68 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हो चुकी है. यह आंकड़े दर्शाते हैं कि सरकार इस बार सड़क निर्माण, महिला कल्याण और स्वास्थ्य सेवाओं जैसे बुनियादी क्षेत्रों में आवंटन को तेजी से खर्च करने की रणनीति पर काम कर रही है.

सुरक्षा और न्याय प्रणाली पर विशेष जोर
राज्य योजना मद से खर्च करने के मामले में गृह और विधि विभाग ने बाजी मारी है. राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को आधुनिक और प्रभावी बनाने के संकल्प के साथ गृह विभाग ने सबसे अधिक सक्रियता दिखाई है. विभाग के कुल 8,910.06 करोड़ रुपये के बजट में से अब तक 74.94 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं. वहीं, न्याय व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से विधि विभाग ने 38.58 करोड़ रुपये की राशि विकास कार्यों में निवेश की है. इन दोनों विभागों की कार्यप्रणाली शासन को और अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की दिशा में संकेत देती है.

ग्रामीण बुनियादी ढांचा और शिक्षा को प्राथमिकता
गांवों की तरक्की और ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए ग्रामीण विकास विभाग ने शुरुआती दौर में ही 22.88 करोड़ रुपये का व्यय किया है. इसी तरह, शिक्षा के क्षेत्र में प्राथमिक और वयस्क शिक्षा के माध्यम से 9.70 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है. शिक्षा पर यह शुरुआती निवेश राज्य के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखने जैसा है. ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से न केवल पलायन रुकेगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी.

हर घर जल: संसाधन और स्वच्छता पर ध्यान
राज्य के हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लक्ष्य को लेकर पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने 3.16 करोड़ रुपये और जल संसाधन विभाग ने 8.36 करोड़ रुपये खर्च किए हैं. जल प्रबंधन और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से कृषि क्षेत्र को भी लाभ मिलने की उम्मीद है. वित्तीय वर्ष के शुरुआती चरण में विभागों की यह सक्रियता एक स्वस्थ प्रशासनिक कार्यशैली का प्रमाण है. यदि यही गति बरकरार रही, तो आने वाले महीनों में झारखंड के विकास कार्यों में अभूतपूर्व तेजी देखने को मिलेगी.
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