Adityapur News: आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र स्थित JMT 2 कंपनी के अधिग्रहण के बाद मजदूरों की स्थिति दयनीय हो गई है. रामकृष्ण कास्टिंग सॉल्यूशन लिमिटेड यूनिट 2 द्वारा कंपनी खरीदे जाने के बाद लगभग 170-180 कर्मचारियों को सेवा से बाहर कर दिया गया है. प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का कहना है कि अधिग्रहण के वक्त प्रबंधन ने सभी पुराने वर्करों को काम पर रखने का भरोसा दिया था, लेकिन हकीकत में केवल कुछ चुनिंदा लोगों को ही रखा गया और बाकी को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया.
तीन साल का इंतजार और सिस्टम की बेरुखी
नौकरी से निकाले गए कर्मचारी पिछले तीन वर्षों से अपने फाइनल सेटलमेंट और रोजगार की वापसी के लिए भटक रहे हैं. पीड़ित कर्मचारी रणधीर कुमार पासवान के अनुसार, उन्होंने प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, मुख्यमंत्री और श्रम विभाग तक गुहार लगाई है, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिला है. प्रबंधन का रुख बेहद कड़ा है; उनका कहना है कि बिना कोर्ट के आदेश के किसी को काम पर नहीं रखा जाएगा और कर्मचारी कहीं भी जाने के लिए स्वतंत्र हैं.
श्रम विभाग की विफल वार्ता और मौत का साया
श्रम विभाग के कॉन्फ्रेंस हॉल में कई दौर की वार्ता के बावजूद समाधान नहीं निकल सका है. कर्मचारियों का आरोप है कि अधिकारी सेनापति की मौजूदगी में आश्वासन तो मिला, लेकिन धरातल पर कुछ नहीं बदला. अब प्रबंधन किस्तों में दो-चार लोगों को नौकरी देने की बात कह रहा है, जिसे 180 परिवारों के साथ मजाक बताया जा रहा है. इस लंबे संघर्ष के दौरान तीन से चार कर्मचारियों की मौत भी हो चुकी है, जिनके परिवारों को अब तक उनका वाजिब पैसा और फाइनल सेटलमेंट नहीं मिल पाया है.
थक-हारकर कर्मचारियों ने अब कंपनी गेट पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है. मजदूरों का सवाल है कि तीन साल से भूखा परिवार कोर्ट-कचहरी का भारी खर्च कैसे उठा सकता है और श्रम कानून आखिर किसके लिए बने हैं. आंदोलनकारियों ने जिला प्रशासन को चेतावनी दी है कि जब तक सभी 180 परिवारों के बच्चों की रोटी और फाइनल सेटलमेंट का इंतजाम नहीं हो जाता, वे गेट से पीछे नहीं हटेंगे.