Chakradharpur News: दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर रेल मंडल में प्रशासनिक नीतियों और ट्रांसफर-पोस्टिंग में कथित अनियमितताओं को लेकर लोको पायलटों में गहरी नाराजगी देखने को मिल रही है। इसी असंतोष के बीच डगोंवापोसु लॉबी के चार अनुभवी लोको पायलटों ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) ले ली। इस फैसले से रेलवे महकमे में हड़कंप मच गया है और कर्मचारियों की नाराजगी खुलकर सामने आने लगी है।
मेंस कांग्रेस ने प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप
डीपीएस रेलवे संस्थान में आयोजित विदाई समारोह में NFIR के जोनल सचिव और मेंस कांग्रेस के मंडल संयोजक शशि मिश्रा ने रेलवे प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि चक्रधरपुर मंडल में रनिंग कर्मचारियों के ट्रांसफर और पोस्टिंग में भारी असमानता और अनियमितता है। उनका कहना था कि इसी कारण एक ही लॉबी के चार अनुभवी लोको पायलटों को समय से पहले सेवा छोड़नी पड़ी।
जबरन पोस्टिंग से बढ़ा कर्मचारियों में असंतोष
शशि मिश्रा ने बताया कि वर्ष 2023 में करीब 150 ई.टी. कर्मचारियों को जबरन लोको पायलट बनाकर अलग-अलग लॉबियों में भेजा गया था। कई कर्मचारियों ने आदेश मानकर नई जगह ज्वॉइन कर लिया, जबकि कुछ कर्मचारी अदालत चले गए और आज भी पुराने कार्यस्थल पर कार्यरत हैं। इससे कर्मचारियों के बीच भेदभाव और असंतोष लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात इस बात का संकेत हैं कि कर्मचारी हितों की रक्षा और औद्योगिक संवाद की बजाय न्यायिक हस्तक्षेप ज्यादा प्रभावी हो गया है।
विदाई समारोह में बी.के. पाल के योगदान को किया गया याद
समारोह में बी.के. पाल के योगदान को भी याद किया गया। शशि मिश्रा ने कहा कि वे मेंस कांग्रेस के समर्पित कार्यकर्ता रहे और पूरे सेवाकाल में रनिंग स्टाफ के अधिकारों की लड़ाई लड़ते रहे। कार्यक्रम में रनिंग शाखा के अध्यक्ष एन.एन. सिंह, सचिव मनोज साह, दीपक कुमार, एम.के. सिंह, एस.के. मलाकर, विवेकानंद, प्रशांत कुमार-III, भानु कुमार, कुमार गौरव, पी.के. सेठी समेत बड़ी संख्या में रेलकर्मी मौजूद रहे।