Ranchi: Tagore Hill, जिसे कभी रांची की पहचान और सुकून की जगह माना जाता था, आज बदहाली, नशाखोरी और अवैध वसूली का केंद्र बनता जा रहा है। यहां आने वाले पर्यटकों और स्थानीय लोगों का कहना है कि टैगोर हिल का माहौल अब पहले जैसा सुरक्षित और शांत नहीं रहा। पहाड़ी के कई हिस्सों में शराब की खाली बोतलें, बीयर के कैन, गांजे के रोल और फैला हुआ कचरा खुलेआम देखा जा सकता है। हालत इतनी खराब है कि टूटे हुए कांच के बीच परिवार, बच्चे और कपल्स घूमने को मजबूर हैं।
हादसे का खतरा, जिम्मेदार कौन?
टैगोर हिल में फैली गंदगी और टूटे हुए कांच अब लोगों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन चुके हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर किसी बच्चे या पर्यटक के साथ कोई हादसा हो जाए तो इसकी जिम्मेदारी आखिर कौन लेगा प्रशासन या वह सिस्टम जो सिर्फ कागजों में सक्रिय दिखाई देता है? पर्यटकों का आरोप है कि यहां सफाई और सुरक्षा व्यवस्था लगभग नदारद है।
स्मार्ट सिटी के दावों पर उठे सवाल
रांची को स्मार्ट सिटी बनाने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन टैगोर हिल की मौजूदा हालत इन दावों की सच्चाई सामने ला रही है। शाम होते ही यहां कई जगहों पर खुलेआम नशाखोरी शुरू हो जाती है, लेकिन प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी कहीं नजर नहीं आती। यही वजह है कि असामाजिक तत्वों के हौसले लगातार बढ़ते जा रहे हैं।
पार्किंग के नाम पर खुली उगाही
सबसे बड़ा खुलासा पार्किंग के नाम पर हो रही अवैध वसूली को लेकर हुआ है। यहां आने वाले लोगों से खुलेआम पार्किंग शुल्क वसूला जा रहा है, लेकिन न तो किसी तरह की रसीद दी जाती है और न ही वहां किसी सरकारी अनुमति या नगर निगम से जुड़े बोर्ड का कोई निशान दिखाई देता है। सीधे शब्दों में कहा जाए तो पार्किंग सुविधा के नाम पर दिनदहाड़े उगाही का खेल चल रहा है।
स्टिंग ऑपरेशन में चौंकाने वाला खुलासा
स्थानीय स्तर पर किए गए स्टिंग ऑपरेशन में यह आरोप सामने आया कि जो लोग यहां नशा करते हैं, उन्हीं में से कुछ लोग पार्किंग के पैसे भी वसूल रहे हैं। यानी दिन में उगाही और शाम को उसी पैसे से नशाखोरी यह तस्वीर प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। लोगों का कहना है कि अगर प्रशासन समय रहते कार्रवाई करता, तो हालात इतने खराब नहीं होते।
“नशा मुक्त अभियान” सिर्फ दावों तक सीमित?
एक तरफ प्रशासन “नशा मुक्त अभियान” चलाने का दावा करता है, वहीं दूसरी तरफ शहर के सबसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में से एक पर खुलेआम नशाखोरी जारी है। ऐसे में लोगों के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या प्रशासन वास्तव में कार्रवाई कर रहा है या सिर्फ दावों तक सीमित है।
अब कार्रवाई होगी या फिर सिर्फ जांच?
अब देखने वाली बात यह होगी कि इस खबर के सामने आने के बाद प्रशासन कोई ठोस कार्रवाई करता है या फिर हर बार की तरह “जांच जारी है” कहकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा। क्योंकि यह सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि जनता की सुरक्षा और सिस्टम की जवाबदेही से जुड़ा बड़ा सवाल है।