Jharkhand : सुप्रीम कोर्ट में लंबे समय से लंबित झारखंड से जुड़े मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए विशेष पहल शुरू की गई है। इसके तहत राज्य में “समाधान समारोह” के नाम से विशेष लोक अदालत आयोजित की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य लंबित मामलों का आपसी सहमति और सरल प्रक्रिया के माध्यम से समाधान करना है।
JHALSA ने जारी किए दिशा-निर्देश
इस संबंध में झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (JHALSA) की सदस्य सचिव कुमारी रंजना अस्थाना ने राज्य के सभी प्रधान जिला जजों और जिला विधिक सेवा प्राधिकार को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। यह अभियान झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एवं झालसा के कार्यकारी अध्यक्ष जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद के मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है।
अगस्त में होगा विशेष आयोजन
जानकारी के अनुसार, इस अभियान का अंतिम चरण 21, 22 और 23 अगस्त 2026 को आयोजित होने वाली विशेष लोक अदालत के साथ संपन्न होगा। इससे पहले विभिन्न स्तरों पर तैयारी, समन्वय और काउंसिलिंग की प्रक्रिया जारी रहेगी।
553 मामलों की सूची सौंपी गई
झारखंड हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट में लंबित 553 मामलों की सूची विधिक सेवा प्राधिकार को उपलब्ध कराई है। इन मामलों को पक्षकारों की सुविधा के अनुसार जिलावार विभाजित किया गया है, ताकि लोग अपने नजदीकी जिला विधिक सेवा प्राधिकार कार्यालय में पहुंचकर प्री-लोक अदालत प्रक्रिया में शामिल हो सकें।
सरकार से जुड़े मामले भी शामिल
बताया गया है कि सूची में कई मामले निजी पक्षकारों से जुड़े हैं, जबकि कई मामलों में झारखंड सरकार भी पक्षकार है। न्यायिक अधिकारियों का मानना है कि यह पहल लंबित मामलों के शीघ्र समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।