Jharkhand Politics: भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने राज्य में बढ़ती घुसपैठ को लेकर हेमंत सोरेन सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि झारखंड धीरे-धीरे घुसपैठियों का “सेफ जोन” बनता जा रहा है। भाजपा का आरोप है कि सरकार की लापरवाही और तुष्टिकरण की राजनीति के कारण अवैध घुसपैठ को बढ़ावा मिल रहा है।
सीमावर्ती जिलों में सत्यापन अभियान की मांग
भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान प्रतुल शाहदेव ने कहा कि पाकुड़, साहिबगंज, दुमका और जामताड़ा जैसे सीमावर्ती जिले लंबे समय से घुसपैठ की समस्या से प्रभावित हैं। उन्होंने आशंका जताई कि पश्चिम बंगाल में सख्ती बढ़ने के बाद बड़ी संख्या में घुसपैठिए झारखंड की ओर रुख कर सकते हैं। ऐसे में सरकार को पहले से सतर्क होकर विशेष सत्यापन अभियान चलाना चाहिए।
अमित शाह की समिति का किया जिक्र
प्रतुल शाहदेव ने कहा कि केंद्र सरकार देश की सुरक्षा को लेकर गंभीर है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घुसपैठियों की पहचान और कार्रवाई के लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। इस समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश प्रकाश प्रभात नवेलकर कर रहे हैं। भाजपा नेता ने राज्य सरकार से भी इस दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की।
डिटेंशन सेंटर और जांच की उठाई मांग
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि सीमावर्ती इलाकों में संदिग्ध लोगों की पहचान कर उनके दस्तावेजों की जांच की जानी चाहिए। साथ ही अवैध रूप से रहने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए डिटेंशन सेंटर बनाए जाने की भी मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार इस गंभीर विषय पर “ढुलमुल रवैया” अपना रही है, जिससे घुसपैठियों को राजनीतिक संरक्षण मिलने का संदेश जा रहा है।
संथाल परगना के जनसंख्या आंकड़ों पर चिंता
प्रतुल शाहदेव ने दावा किया कि 1951 और 2011 की जनगणना के आंकड़ों की तुलना में संथाल परगना क्षेत्र में आदिवासी आबादी में 16 प्रतिशत की कमी और मुस्लिम आबादी में 14 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है। उन्होंने कहा कि यह बदलाव गंभीर चिंता का विषय है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। भाजपा का कहना है कि यह सिर्फ कानून-व्यवस्था का मामला नहीं, बल्कि सामाजिक संतुलन, स्थानीय संसाधनों, रोजगार और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है।