Adityapur News: आदित्यपुर में खेल के मैदान को लेकर बड़ा बवाल खड़ा हो गया है। शहर के इकलौते फुटबॉल ग्राउंड के भवन को रेड क्रॉस सोसाइटी को आवंटित करने के फैसले के खिलाफ खिलाड़ी और स्थानीय लोग सड़क पर उतर आए हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि प्रशासन बच्चों के खेल और उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है।
बच्चों का आखिरी सहारा छिनने की आशंका
स्थानीय युवाओं के अनुसार आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र में खेल के लिए मैदानों की भारी कमी है और यह फुटबॉल ग्राउंड ही सैकड़ों बच्चों की रोजाना प्रैक्टिस का केंद्र है। खिलाड़ियों ने कहा कि मैदान में बना भवन उनके लिए बेहद जरूरी है, जहां वे ड्रेस बदलते हैं, खेल सामग्री रखते हैं और धूप-बारिश से बचते हैं। उनका आरोप है कि भवन छिनने से खिलाड़ियों की मूल सुविधाएं खत्म हो जाएंगी।
खेल से बड़ी समाज सेवा क्या है?-रवींद्र बास्के
समाजसेवी रवींद्र बास्के ने प्रशासन के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह भवन किसी आलीशान दफ्तर के लिए नहीं, बल्कि खिलाड़ियों की जरूरतों के लिए बना है। उन्होंने कहा, “बच्चे यहां अपने सपनों को आकार देते हैं। उनसे यह सुविधा छीनना उनके भविष्य के साथ अन्याय होगा।” उन्होंने प्रशासन से खिलाड़ियों की पीड़ा समझने की अपील की।
रेड क्रॉस का सम्मान, लेकिन खिलाड़ियों की कीमत पर नहीं
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे रेड क्रॉस के सामाजिक कार्यों का सम्मान करते हैं, लेकिन खेल मैदान की कीमत पर नहीं। स्थानीय लोगों ने मांग की कि फुटबॉल ग्राउंड के भवन का आवंटन तुरंत रद्द किया जाए और रेड क्रॉस सोसाइटी को शहर में किसी दूसरी उपयुक्त जगह पर जमीन उपलब्ध कराई जाए। खिलाड़ियों ने साफ चेतावनी दी है कि फैसला वापस नहीं होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।