BIT Mesra Ranchi: देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों में शामिल बीआईटी मेसरा ने प्रवेश प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है. शैक्षणिक सत्र 2026-27 से झारखंड के विद्यार्थियों को मिलने वाला 50 प्रतिशत होम स्टेट कोटा समाप्त कर दिया गया है. अब संस्थान की सभी सीटों पर नामांकन केवल ऑल इंडिया मेरिट के आधार पर किया जाएगा. इस फैसले के बाद राज्य के छात्रों के बीच चिंता बढ़ गई है.
एमओयू खत्म होने के बाद बदली व्यवस्था
जानकारी के मुताबिक झारखंड सरकार और बीआईटी मेसरा के बीच हुआ समझौता समाप्त होने के बाद संस्थान ने होम स्टेट कोटा हटाने का निर्णय लिया है. अब झारखंड के विद्यार्थियों को भी देशभर के अन्य अभ्यर्थियों की तरह समान प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा.
पहले राज्य के छात्रों को मिलता था बड़ा फायदा
अब तक बीआईटी मेसरा में झारखंड के छात्रों के लिए आधी सीटें आरक्षित रहती थीं. इन सीटों पर नामांकन जोसा, सीसैब और संस्थान स्तरीय काउंसलिंग के माध्यम से होता था. होम स्टेट कोटा की वजह से कई छात्रों को अपेक्षाकृत कम रैंक पर भी प्रवेश मिल जाता था, जिससे राज्य के विद्यार्थियों को काफी राहत रहती थी.
अब सभी सीटों पर होगी राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा
नई व्यवस्था लागू होने के बाद संस्थान की हर सीट पर केवल राष्ट्रीय मेरिट के आधार पर प्रवेश मिलेगा. यानी अब किसी भी छात्र को राज्य आधारित आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा. इससे प्रवेश प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक प्रतिस्पर्धी होने की संभावना है.
1300 से अधिक सीटों पर पड़ेगा असर
बीआईटी मेसरा में बीटेक, बीआर्क और इंटीग्रेटेड एमएससी समेत कई पाठ्यक्रम संचालित होते हैं. संस्थान में कुल 1342 सीटें हैं. इनमें बीटेक की लगभग 650 सीटों पर अब तक झारखंड के छात्रों को होम स्टेट कोटा का लाभ मिलता था. नई नीति के तहत ये सभी सीटें अब ऑल इंडिया कोटा में शामिल कर दी जाएंगी.
छात्रों और अभिभावकों की बढ़ी चिंता
इस फैसले के बाद खासकर ग्रामीण और मध्यमवर्गीय परिवारों से आने वाले विद्यार्थियों के सामने चुनौती बढ़ सकती है. शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों का मानना है कि अब कटऑफ पहले से अधिक ऊंचा जा सकता है. कई छात्रों और अभिभावकों ने इसे राज्य के विद्यार्थियों के लिए नुकसानदायक बताया है.
विशेषज्ञों की राय भी बंटी
कुछ शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इस फैसले से संस्थान में राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा और गुणवत्ता बेहतर होगी. वहीं दूसरी ओर कई लोग मानते हैं कि झारखंड के छात्रों को स्थानीय स्तर पर मिलने वाला अवसर कम हो जाएगा.
संस्थान ने पारदर्शिता का दिया भरोसा
बीआईटी मेसरा प्रबंधन की ओर से कहा गया है कि नई प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होगी. संस्थान का दावा है कि सभी अभ्यर्थियों को समान अवसर प्रदान किया जाएगा और मेरिट के आधार पर ही चयन किया जाएगा.