Ranchi News : टेली-मानस झारखंड की ओर से केंद्रीय मनोचिकित्सा संस्थान (CIP) रांची, हमसफर ट्रस्ट और उत्थान CBO के सहयोग से ट्रांसजेंडर मानसिक स्वास्थ्य और जेंडर अफर्मेटिव काउंसलिंग विषय पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई।कार्यक्रम में ट्रांसजेंडर समुदाय की मानसिक स्वास्थ्य चुनौतियों, सामाजिक स्वीकृति और समावेशी स्वास्थ्य सेवाओं की जरूरत पर विस्तार से चर्चा की गई।
विशेषज्ञों ने संवेदनशील स्वास्थ्य सेवाओं की जरूरत बताई
कार्यक्रम का उद्घाटन CIP के निदेशक डॉ. वी. के. चौधरी और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन झारखंड के प्रबंध निदेशक डॉ. शशि प्रकाश झा ने किया। उन्होंने कहा कि LGBT समुदाय के लिए संवेदनशील, सम्मानजनक और समावेशी स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए जागरूकता और प्रशिक्षण बेहद जरूरी है।
ट्रांसजेंडर मुद्दों और मानसिक स्वास्थ्य पर हुई चर्चा
कार्यशाला में कई विशेषज्ञों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अपने विचार साझा किए। मीडियाकर्मी लता ने ट्रांसजेंडर मुद्दों पर संवेदनशील पत्रकारिता की आवश्यकता पर जोर दिया।
मुंबई के हमसफर ट्रस्ट की नीलोफर ने लैंगिक विविधता और LGBT समुदाय की मानसिक स्वास्थ्य जरूरतों के बारे में जानकारी दी। वहीं उत्थान CBO के अमरजीत और हिमांशी ने ट्रांसजेंडर समुदाय के अनुभवों और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच में आने वाली समस्याओं पर चर्चा की।
जेंडर अफर्मेटिव काउंसलिंग पर दी गई जानकारी
टेली-मानस की वरिष्ठ सलाहकार डॉ. प्रीथा रॉय और मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ झिमली चटर्जी ने जेंडर अफर्मेटिव काउंसलिंग सेवाओं से जुड़े दिशा-निर्देशों की जानकारी प्रतिभागियों को दी।
कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यशाला में यह संदेश दिया गया कि सामाजिक समावेश, जागरूकता और सामूहिक प्रयासों के जरिए ही ट्रांसजेंडर समुदाय के मानसिक स्वास्थ्य और अधिकारों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।