ग्रामीणों की मांग पर शराब बिक्री और बूगी बूगी डांस पर पूरी तरह रोक
बैठक के दौरान ग्रामीणों ने मेला परिसर में शराब बिक्री और बूगी बूगी डांस कार्यक्रम पर प्रतिबंध लगाने की मांग उठाई. उनका कहना था कि इन गतिविधियों के कारण हर वर्ष विवाद और अशांति की स्थिति पैदा होती है. इस पर विधायक संजीव सरदार ने प्रशासन को मेले में पूर्ण शराबबंदी सुनिश्चित करने और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया. साथ ही मेला समिति को पारंपरिक और सांस्कृतिक माहौल के अनुरूप कार्यक्रम तय करने की सलाह दी गई.
तीन राज्यों से पहुंचते हैं हजारों श्रद्धालु, सुविधाओं पर रहेगा विशेष फोकस
विधायक ने कहा कि 15 जून से शुरू होने वाला हरिणा मेला क्षेत्र की आस्था और परंपरा का प्रमुख केंद्र है, जहां झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं. उन्होंने बताया कि राज्य सरकार हरिणा को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रही है और मेले को राजकीय मेला का दर्जा दिलाने के प्रयास भी जारी हैं. श्रद्धालुओं को पेयजल, स्वास्थ्य, बिजली, सुरक्षा और यातायात जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता होगी.
सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन को लेकर दिए गए अहम निर्देश
बैठक में मेले के दौरान पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने, बड़े वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग तय करने और बड्डीह प्राथमिक विद्यालय में पार्किंग व्यवस्था करने का निर्णय लिया गया. इसके अलावा स्वास्थ्य, पेयजल, बिजली और सुरक्षा सेवाएं चौबीस घंटे उपलब्ध रखने, आपात स्थिति के लिए मार्ग खुला रखने तथा रैश ड्राइविंग और बाइक स्टंट पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए. मनचलों पर भी विशेष निगरानी रखने की बात कही गई.
मेले के शांतिपूर्ण आयोजन के लिए प्रशासन रहेगा पूरी तरह सतर्क
मुसाबनी डीएसपी रोहित कुमार राजवार ने कहा कि प्रशासन मेला समिति के साथ समन्वय बनाकर चौबीस घंटे कार्य करेगा. उन्होंने बताया कि मेले में पूर्ण शराबबंदी लागू रहेगी और बाइक स्टंट तथा रैश ड्राइविंग करने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाएगा. सुरक्षा और संचालन व्यवस्था को अंतिम रूप देने के लिए 4 जून को एक और समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी.