Ranchi News : शादी का झांसा देकर यौन शोषण करने के आरोपित प्रेम सिंह को अदालत से राहत नहीं मिली है। अपर न्यायायुक्त अरविंद कुमार-2 की अदालत ने उसकी डिस्चार्ज याचिका खारिज कर दी है। साथ ही आरोपी को 19 जून को आरोप गठन के लिए अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया है।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने अदालत को बताया कि पीड़िता बालिग है और दोनों के बीच संबंध आपसी सहमति से बने थे। इसलिए आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों के आधार पर मामला नहीं बनता है।
वहीं अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष दलील दी कि आरोपी ने विवाह का झांसा देकर लंबे समय तक पीड़िता का शारीरिक शोषण किया। आरोप के अनुसार जुलाई 2021 में प्रेम सिंह ने मंदिर में पीड़िता की मांग में सिंदूर भरकर और मंगलसूत्र पहनाकर शादी का विश्वास दिलाया था। इसके बाद दोनों के बीच पति-पत्नी की तरह संबंध बने।
पहले से शादीशुदा होने की जानकारी मिलने पर दर्ज हुई प्राथमिकी
अभियोजन के अनुसार बाद में प्रेम सिंह ने खुद को पहले से विवाहित बताया और पीड़िता से शादी करने से इनकार कर दिया। इसके बाद पीड़िता ने वर्ष 2025 में चुटिया थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
बताया गया है कि प्रेम सिंह मूल रूप से जम्मू का निवासी है और वर्तमान में सिकंदराबाद स्थित एनटीपीसी के दक्षिण क्षेत्रीय मुख्यालय में कार्यरत है।
अदालत द्वारा डिस्चार्ज याचिका खारिज किए जाने के बाद अब मामले में 19 जून को आरोप गठन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।