Adhir Ranjan Chowdhury: पश्चिम बंगाल की राजनीति में जारी उथल-पुथल के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य में मुख्य विपक्षी ताकत मानी जाने वाली टीएमसी के बंटवारे से विपक्षी राजनीति में खालीपन पैदा हुआ है, जो कांग्रेस के लिए संगठन और जनाधार मजबूत करने का सुनहरा अवसर बन सकता है।
विधानसभा में सर्कस चल रहा है
टीएमसी विधायक दल में बने नए गुट और निष्कासित विधायक ऋतब्रत बनर्जी को विपक्ष का नया नेता बनाए जाने के घटनाक्रम पर अधीर रंजन चौधरी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने पूरे घटनाक्रम को “सर्कस” बताते हुए कहा कि विधानसभा में जो कुछ हो रहा है, उसे किसी और नाम से नहीं पुकारा जा सकता।
सत्ता में बैठी पार्टी पर साधा निशाना
अधीर चौधरी ने बिना किसी दल का नाम लिए केंद्र की सत्तारूढ़ पार्टी पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो पार्टी आज देश की सत्ता में है, वही इस पूरे राजनीतिक “सर्कस” की असली बाजीगर है और पर्दे के पीछे से घटनाक्रम को प्रभावित कर रही है।
कांग्रेस को मिलेगा राजनीतिक फायदा?
जब उनसे पूछा गया कि टीएमसी में टूट और विपक्षी संकट का लाभ क्या कांग्रेस को मिलेगा, तो उन्होंने साफ तौर पर कहा कि कांग्रेस हर परिस्थिति में अपने राजनीतिक एजेंडे और संगठन को आगे बढ़ाने के लिए तैयार है। उनके मुताबिक, मौजूदा हालात पार्टी के विस्तार और जनसमर्थन बढ़ाने के लिए अनुकूल हैं।
अब पकड़ मजबूत करने का समय
अधीर रंजन चौधरी ने दावा किया कि टीएमसी पहले ही जनता के बीच अपनी राजनीतिक जमीन खो चुकी है। उन्होंने कहा कि पिछले शासनकाल में कांग्रेस को संगठनात्मक गतिविधियां चलाने और लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव लड़ने का पूरा अवसर नहीं मिला, लेकिन अब पार्टी के पास अपनी स्थिति मजबूत करने का बेहतर मौका है। हालिया विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने दो सीटें जीती थीं और इस बार वाम मोर्चे से अलग होकर स्वतंत्र रूप से चुनाव मैदान में उतरी थी।