Delhi-Siliguri Bullet Train: केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पश्चिम बंगाल के लिए बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि जल्द ही दिल्ली और सिलीगुड़ी के बीच हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन चलाई जाएगी। यह पश्चिम बंगाल की पहली बुलेट ट्रेन होगी, जो राजधानी दिल्ली को उत्तर बंगाल से तेज रफ्तार रेल नेटवर्क के जरिए जोड़ेगी।
दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी कॉरिडोर को जोड़कर बनेगा प्रोजेक्ट
रेल मंत्री ने नबन्ना में राज्य सरकार और रेलवे अधिकारियों के साथ बैठक के बाद इस परियोजना का ऐलान किया। यह देश का दूसरा बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट होगा, जिसे मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के बाद शुरू किया जाएगा। परियोजना में दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-पटना-सिलीगुड़ी कॉरिडोर को जोड़कर एक लंबा हाई-स्पीड नेटवर्क तैयार किया जाएगा।
2028 से शुरू हो सकता है निर्माण, कई बड़े शहर होंगे शामिल
जानकारी के अनुसार इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर काम वर्ष 2028 से शुरू होने की संभावना है। बुलेट ट्रेन दिल्ली से चलकर नोएडा के जेवर एयरपोर्ट, मथुरा, आगरा, इटावा, लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, गाजीपुर, पटना और न्यू जलपाईगुड़ी तक पहुंचेगी। भविष्य में इसे गुवाहाटी तक विस्तार देने की भी योजना है।
उत्तर भारत से पूर्वोत्तर तक कनेक्टिविटी को मिलेगा नया आयाम
रेल मंत्रालय के अनुसार दिल्ली-सिलीगुड़ी हाई-स्पीड कॉरिडोर उत्तर भारत और पूर्वोत्तर भारत के बीच संपर्क को नई मजबूती देगा। यह परियोजना दिल्ली-हावड़ा रूट के बड़े हिस्से को भी कवर करेगी। मंत्रालय का मानना है कि इससे प्रमुख शहरों के विकास को गति मिलेगी और यात्रियों को विश्वस्तरीय परिवहन सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
पर्यटन, व्यापार और रक्षा क्षेत्र को होगा बड़ा फायदा
करीब एक लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश वाली इस परियोजना से उत्तर बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों में व्यापार, पर्यटन और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है। सिलीगुड़ी, जिसे ‘चिकन नेक कॉरिडोर’ कहा जाता है, पूर्वोत्तर भारत का प्रवेश द्वार है। बुलेट ट्रेन शुरू होने से सेना और रसद की आवाजाही भी अधिक तेज और सुगम हो सकेगी। जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने सहयोग का भरोसा दिया है।