International News: पश्चिम एशिया में तनाव कम होने के बजाय लगातार बढ़ता नजर आ रहा है. दक्षिणी बेरूत में इजरायल ने एक बार फिर बड़ा हवाई हमला कर हालात को और गंभीर बना दिया है. इस हमले में हिज्बुल्लाह के मुख्य ठिकाने को निशाना बनाया गया. खास बात यह है कि यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब अमेरिका पहले ही क्षेत्र में बढ़ते तनाव को लेकर चिंता जता चुका था. हमले के कुछ ही समय बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए इजरायल के कई शहरों को निशाना बनाया, जिससे पूरे इलाके में संघर्ष और गहराने की आशंका बढ़ गई है.
दहियेह इलाके में गूंजे धमाके, हिज्बुल्लाह के गढ़ पर साधा गया निशाना
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, दक्षिणी बेरूत के दहियेह इलाके में कई तेज धमाकों की आवाजें सुनी गईं. यह इलाका हिज्बुल्लाह का मजबूत गढ़ माना जाता है और संगठन के कई महत्वपूर्ण ठिकाने यहीं मौजूद हैं. बताया जा रहा है कि अल म्रेइजेह क्षेत्र में स्थित एक इमारत पर तीन मिसाइलें दागी गईं, जिससे आसपास के इलाके में दहशत फैल गई.
लेबनान की राष्ट्रीय समाचार एजेंसी के मुताबिक इस हमले में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 11 अन्य घायल हुए हैं. घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
नेतन्याहू सरकार ने हमले को बताया जवाबी कार्रवाई
हमले के बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने संयुक्त बयान जारी किया. दोनों नेताओं ने कहा कि इजरायली सेना ने हिज्बुल्लाह के मुख्यालय को निशाना बनाकर कार्रवाई की है.
इजरायल का दावा है कि उत्तरी क्षेत्रों पर हिज्बुल्लाह की ओर से लगातार हमले किए जा रहे थे और यह ऑपरेशन उसी का जवाब है. सरकार का कहना है कि अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है.
अमेरिका पहले ही जता चुका था चिंता
इस पूरे घटनाक्रम से पहले अमेरिका भी स्थिति को लेकर चिंता जाहिर कर चुका था. रिपोर्टों के अनुसार, इसी महीने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कथित तौर पर प्रधानमंत्री नेतन्याहू से बातचीत कर बेरूत पर हमले को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी.
अमेरिकी प्रशासन को आशंका थी कि इस तरह की कार्रवाई ईरान को सीधे प्रतिक्रिया देने के लिए उकसा सकती है और क्षेत्र में जारी कूटनीतिक प्रयासों को झटका लग सकता है. हालांकि इजरायली मीडिया और अमेरिकी वेबसाइट एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक, रविवार को हुए हमले से पहले इजरायल ने अमेरिका को इसकी जानकारी दे दी थी.
ट्रंप ने सीमित और सटीक कार्रवाई की दी थी सलाह
एक साक्षात्कार के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि वह लेबनान को ईरान के साथ किसी समझौते का हिस्सा बनाने की मांग नहीं कर रहे हैं. उन्होंने इजरायल से हिज्बुल्लाह के खिलाफ अधिक सटीक और सीमित सैन्य कार्रवाई करने की सलाह भी दी थी ताकि हालात और ज्यादा न बिगड़ें.
संघर्षविराम के बावजूद नहीं थम रहे हमले
फरवरी के अंत से लेबनान और हिज्बुल्लाह लगातार इजरायली हमलों का सामना कर रहे हैं. अप्रैल में हुए संघर्षविराम को ईरान ने इस उम्मीद के साथ स्वीकार किया था कि उसके क्षेत्रीय सहयोगियों पर सैन्य कार्रवाई रोकी जाएगी. हालांकि हाल के घटनाक्रम यह संकेत दे रहे हैं कि जमीन पर हालात अभी भी सामान्य नहीं हुए हैं.
हिज्बुल्लाह ने संघर्ष जारी रखने के दिए संकेत
हिज्बुल्लाह की ओर से भी संकेत मिले हैं कि वह इजरायल के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेगा. ऐसे में क्षेत्र में तनाव कम होने के बजाय और बढ़ सकता है. पिछले कुछ महीनों में लेबनान पर हुए हमलों में हजारों लोगों की जान जा चुकी है, जबकि लाखों लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं.
दुनिया की नजरें पश्चिम एशिया पर टिकीं
इजरायल, हिज्बुल्लाह और ईरान के बीच बढ़ते टकराव ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है. अंतरराष्ट्रीय समुदाय हालात पर नजर बनाए हुए है और क्षेत्र में शांति बहाल करने की मांग कर रहा है. भारत समेत दुनिया के कई देशों के लोग भी पश्चिम एशिया में तेजी से बदल रहे घटनाक्रम पर करीबी नजर रखे हुए हैं.
दक्षिणी बेरूत पर इजरायल के ताजा हमले और उसके बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई ने पश्चिम एशिया को एक बार फिर बड़े तनाव के मुहाने पर ला खड़ा किया है. कूटनीतिक प्रयासों के बीच बढ़ती सैन्य गतिविधियां यह संकेत दे रही हैं कि आने वाले दिनों में क्षेत्र की स्थिति और संवेदनशील हो सकती है. ऐसे में पूरी दुनिया की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि आगे हालात किस दिशा में बढ़ते हैं.