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  • 2026-06-08

Seraikela News: बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत सरायकेला में आम बिक्री स्टॉल का उद्घाटन, किसानों को सीधे बाजार से जोड़ने की पहल

Seraikela News: सरायकेला जिले में किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने और बिचौलियों पर निर्भरता कम करने की दिशा में जिला प्रशासन ने पहल शुरू की है. सोमवार को सरायकेला समाहरणालय मुख्य द्वार पर बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत उत्पादित आम की बिक्री के लिए लगाए गए स्टॉल का उद्घाटन उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने किया.

इस अवसर पर उप विकास आयुक्त रीना हांसदा, जेएसएलपीएस के जिला कार्यक्रम प्रबंधक पंकज कुमार समेत कई अधिकारी मौजूद रहे.
उपायुक्त ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य किसानों को उत्पादन से लेकर बाजार तक हर स्तर पर सहयोग उपलब्ध कराना है. उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी मेहनत का सही मूल्य मिले, इसके लिए स्थानीय स्तर पर बिक्री व्यवस्था विकसित की जा रही है, जिससे किसान सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंच सकें.

जिले में आठ जगहों पर लगाए गए आम बिक्री स्टॉल
बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत जिले में फलदार पौधों के रोपण और बागवानी को बढ़ावा दिया जा रहा है. इस योजना से जुड़े ग्रामीण परिवारों को स्थायी आजीविका का साधन मिल रहा है.
जिले में कुल आठ स्थानों पर आम बिक्री स्टॉल लगाए गए हैं. इन स्टॉलों पर स्थानीय किसानों द्वारा उत्पादित गुणवत्तापूर्ण आम निर्धारित दर पर आम लोगों को उपलब्ध कराया जा रहा है.
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्टॉलों का संचालन मांग और खपत के अनुसार किया जाए. साथ ही बिक्री, कीमत, गुणवत्ता और किसानों की भागीदारी की लगातार निगरानी सुनिश्चित करने को कहा.

अमरपाली आम के लिए मिला 1000 किलो का पहला ऑर्डर
उपायुक्त ने बताया कि जिला प्रशासन के सहयोग से सरायकेला आजीविका महिला प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड को "अपनों मार्ट" से 1000 किलोग्राम अमरपाली आम की आपूर्ति का पहला ऑर्डर मिला है.
यह ऑर्डर 60 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से मिला है. प्रशासन का मानना है कि इससे किसानों को संगठित बाजार मिलेगा और उनकी आय बढ़ाने में मदद मिलेगी.

महिला समूहों और एफपीओ को मिलेगा बढ़ावा
उपायुक्त ने कहा कि यह पहल मनरेगा के तहत तैयार आजीविका परिसंपत्तियों को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास है. इससे स्थानीय उत्पादों को पहचान मिलेगी और महिला उत्पादक समूहों व एफपीओ को भी मजबूती मिलेगी.
उन्होंने कहा कि किसानों को उत्पाद की गुणवत्ता, स्वच्छता, सही मूल्य निर्धारण और उपभोक्ता संतुष्टि को लेकर भी जरूरी जानकारी दी जा रही है, ताकि स्थानीय आम को बेहतर बाजार मिल सके.
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