Jharkhand News: छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम (CNT Act) के तहत संरक्षित आदिवासी जमीन के कथित हस्तांतरण मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने गंभीर रुख अपनाते हुए राज्य सरकार, केंद्र सरकार और चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया है. मामले में दाखिल जनहित याचिका पर मंगलवार को मुख्य न्यायाधीश एस एम सोनक और न्यायाधीश राजेश शंकर की खंडपीठ में सुनवाई हुई.
अदालत ने मामले को गंभीर बताते हुए सभी पक्षों से जवाब मांगा है. प्रार्थी विष्णु साहू की ओर से दाखिल याचिका में आदिवासी जमीन के कथित हस्तांतरण को चुनौती दी गई है.
चार जिलों में हजारों एकड़ जमीन हस्तांतरण का आरोप
याचिका में आरोप लगाया गया है कि गुमला, सिमडेगा, खूंटी और पश्चिमी सिंहभूम जिलों में हजारों एकड़ आदिवासी जमीन को कम कीमत पर जीईएल मिशन और आरसी मिशन सोसाइटी को हस्तांतरित किया गया.
प्रार्थी का कहना है कि इस तरह का हस्तांतरण CNT एक्ट के प्रावधानों का उल्लंघन है. उन्होंने आरोप लगाया कि इससे इन जिलों की सामाजिक और जनसांख्यिकीय स्थिति में बदलाव आया है.
उपायुक्तों और अनुसूचित जनजाति आयोग को भी बनाया गया पक्षकार
मामले में गुमला, सिमडेगा, खूंटी और पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्तों के अलावा केंद्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग को भी प्रतिवादी बनाया गया है.
हाईकोर्ट ने सभी संबंधित पक्षों को नोटिस जारी करते हुए मामले की अगली सुनवाई के लिए प्रक्रिया आगे बढ़ाने का निर्देश दिया है. अब संबंधित पक्षों के जवाब के बाद अदालत इस मामले में आगे सुनवाई करेगी.