Jamshedpur News: भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा, सांस्कृतिक विरासत, पांडुलिपियों और ऐतिहासिक दस्तावेजों को संरक्षित करने के उद्देश्य से शुरू किए गए ज्ञान भारतम् मिशन को जिले में प्रभावी रूप से लागू करने की तैयारी शुरू कर दी गई है. संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार की इस पहल के तहत पूर्वी सिंहभूम जिले में उपलब्ध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संसाधनों की पहचान कर उनका सर्वेक्षण और दस्तावेजीकरण किया जाएगा.
मिशन के तहत जिले में मौजूद पांडुलिपियों, पुराने अभिलेखों, सांस्कृतिक धरोहरों और अन्य महत्वपूर्ण ज्ञान संसाधनों की सूची तैयार की जाएगी. इसके बाद इन धरोहरों के संरक्षण के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे. जिला प्रशासन संबंधित विभागों, शैक्षणिक संस्थानों, पुस्तकालयों और अन्य संस्थाओं के साथ समन्वय बनाकर इस अभियान को आगे बढ़ाएगा.
डिजिटल तकनीक से सुरक्षित होंगी दुर्लभ धरोहरें
ज्ञान भारतम् मिशन का एक प्रमुख उद्देश्य दुर्लभ पांडुलिपियों और ऐतिहासिक दस्तावेजों का डिजिटलीकरण करना है. इसके माध्यम से पुरानी धरोहरों को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकेगा. साथ ही शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों और आम लोगों को भी इन महत्वपूर्ण संसाधनों तक आसानी से पहुंच मिल सकेगी.
अधिकारियों और कर्मियों को दिया जाएगा प्रशिक्षण
अभियान के तहत संरक्षण और अभिलेखीकरण कार्यों से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य हितधारकों के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. इससे दस्तावेजों के संरक्षण और रिकॉर्ड तैयार करने की प्रक्रिया को बेहतर बनाया जा सकेगा.
जिला प्रशासन ने आम लोगों से भी अपील की है कि उनके पास यदि कोई ऐतिहासिक महत्व की पांडुलिपि, दस्तावेज या सांस्कृतिक धरोहर उपलब्ध है तो इसकी जानकारी साझा करें, ताकि इस राष्ट्रीय अभियान को सफल बनाया जा सके.
प्रशासन का कहना है कि ज्ञान भारतम् मिशन आने वाली पीढ़ियों तक देश की सांस्कृतिक और बौद्धिक विरासत को सुरक्षित पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.