Jamshedpur: पूर्वी सिंहभूम जिले के बोड़ाम थाना क्षेत्र में एक पेट्रोल पंप संचालक को भाकपा माओवादी के नाम से कथित चिट्ठी मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। जानकारी के अनुसार करीब 20 दिन पहले संचालक को यह चिट्ठी मिली थी, जिसके बाद क्षेत्र में एक बार फिर नक्सली गतिविधियों को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। बताया जा रहा है कि सरकार द्वारा पूर्वी सिंहभूम को नक्सल मुक्त घोषित किए जाने के बाद यह पहला मामला है, जिसमें किसी कारोबारी को माओवादियों के नाम पर चिट्ठी भेजे जाने और कथित रूप से लेवी की मांग किए जाने की बात सामने आई है।
चिट्ठी के बाद आया फोन, निर्देशों का पालन करने को कहा
सूत्रों के अनुसार चिट्ठी मिलने के कुछ समय बाद पेट्रोल पंप संचालक के मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल भी आया। फोन करने वाले व्यक्ति ने खुद को माओवादी संगठन से जुड़ा बताते हुए संचालक को संपर्क में रहने और संगठन के निर्देशों का पालन करने को कहा। इसके बाद संचालक की चिंता और बढ़ गई। बताया जा रहा है कि चिट्ठी में संचालक को दलमा क्षेत्र के जंगल में एक निर्धारित स्थान पर मिलने के लिए बुलाया गया था। हालांकि अब तक वह वहां नहीं पहुंचे हैं।
पुलिस और विशेष शाखा कर रही जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए बोड़ाम पुलिस और विशेष शाखा सक्रिय हो गई है। पुलिस चिट्ठी की सत्यता, उसके स्रोत और मोबाइल कॉल की जांच कर रही है। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि मामला वास्तव में किसी माओवादी संगठन से जुड़ा है या फिर किसी असामाजिक तत्व द्वारा भय और भ्रम फैलाने के उद्देश्य से यह हरकत की गई है।स्थानीय सूत्रों के मुताबिक पिछले लगभग तीन सप्ताह से दलमा के जंगलों में माओवादियों का एक दस्ता सक्रिय रूप से घूमता देखा गया है। हालांकि इस दौरान किसी बड़ी हिंसक घटना या वारदात की सूचना नहीं मिली है। यह भी चर्चा है कि पश्चिमी सिंहभूम के सारंडा क्षेत्र में सुरक्षा बलों के ऑपरेशन और मुठभेड़ों के बाद सुरक्षित ठिकाने की तलाश में चार महिला नक्सलियों समेत सात सदस्यीय दस्ता दलमा के जंगलों में शरण लिए हुए है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
ग्रामीण एसपी ने क्या कहा
ग्रामीण पुलिस अधीक्षक शुभम कुमार खंडेलवाल ने बताया कि पेट्रोल पंप संचालक को चिट्ठी भेजे जाने और फोन पर कथित रूप से लेवी मांगने की सूचना मिली है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि यह भी देखा जा रहा है कि कहीं किसी असामाजिक तत्व ने माओवादियों के नाम का इस्तेमाल कर डर फैलाने या वसूली का प्रयास तो नहीं किया है। हालांकि पश्चिमी सिंहभूम में चल रहे नक्सल विरोधी अभियान के बाद कुछ माओवादियों के बोड़ाम और दलमा क्षेत्र में आने की सूचनाएं भी मिली हैं, जिनकी जांच की जा रही है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।