US Iran Peace Deal: मध्य पूर्व में लंबे समय से जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया है. ट्रंप के मुताबिक अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा विवाद अब समाधान के करीब पहुंच गया है और दोनों देशों के बीच एक महत्वपूर्ण शांति समझौते को अंतिम रूप देने की तैयारी चल रही है. उन्होंने संकेत दिया कि इस सप्ताह के अंत तक यूरोप में इस समझौते पर हस्ताक्षर हो सकते हैं.
ट्रंप बोले, अंतिम चरण में पहुंची बातचीत
व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि समझौते से जुड़े दस्तावेजों को तेजी से तैयार किया जा रहा है. उनका कहना है कि यह पहल केवल अमेरिका और ईरान के लिए ही नहीं बल्कि वैश्विक स्थिरता के लिए भी अहम साबित हो सकती है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक इस कूटनीतिक प्रक्रिया में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की भी भूमिका रह सकती है और वह इस अहम घटनाक्रम का हिस्सा बन सकते हैं.
ईरान की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार
ट्रंप ने दावा किया कि तेहरान भी इस समझौते को लेकर गंभीर रुख अपना रहा है और दोनों पक्ष सैन्य टकराव को आगे बढ़ाने के पक्ष में नहीं हैं. हालांकि अब तक ईरानी अधिकारियों की ओर से प्रस्तावित समझौते पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.
सूत्रों के हवाले से यह भी कहा जा रहा है कि वॉशिंगटन की ओर से तैयार किए गए मसौदे के प्रमुख बिंदुओं को ईरान ने स्वीकार कर लिया है, लेकिन इसकी औपचारिक पुष्टि अभी बाकी है.
होर्मुज जलडमरूमध्य खुलने से वैश्विक व्यापार को मिल सकती है राहत
इस संभावित समझौते का सबसे महत्वपूर्ण पहलू होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ा माना जा रहा है. ट्रंप के अनुसार दोनों देशों के बीच समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद इस रणनीतिक समुद्री मार्ग को अंतरराष्ट्रीय व्यापार और जहाजों की आवाजाही के लिए फिर से खोल दिया जाएगा.
पिछले कई महीनों से क्षेत्रीय तनाव के कारण इस मार्ग पर असर पड़ा था, जिसका प्रभाव वैश्विक तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी देखने को मिला. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह मार्ग सामान्य रूप से खुलता है तो ऊर्जा बाजार और सप्लाई चेन को बड़ी राहत मिल सकती है.
इजरायल की सुरक्षा को लेकर भी दिया भरोसा
शांति प्रक्रिया के बीच ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से भी बातचीत की है. इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक ट्रंप ने आश्वासन दिया है कि किसी भी अंतिम समझौते में इजरायल की सुरक्षा संबंधी चिंताओं को प्राथमिकता दी जाएगी. बताया जा रहा है कि प्रस्तावित समझौते में परमाणु कार्यक्रम, मिसाइल निर्माण और क्षेत्रीय समूहों को मिलने वाले समर्थन जैसे मुद्दों को लेकर सख्त प्रावधान शामिल किए जा सकते हैं.
आखिरी समय में टले सैन्य हमले
इस बीच ट्रंप ने यह भी खुलासा किया कि ईरान के खिलाफ प्रस्तावित सैन्य कार्रवाई को अंतिम समय में रोक दिया गया. उन्होंने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर कहा कि ईरानी नेतृत्व के साथ उच्च स्तरीय बातचीत से मिले सकारात्मक संकेतों के बाद यह फैसला लिया गया. ट्रंप ने इसे क्षेत्र में तनाव कम करने और स्थायी शांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण अवसर बताया है.
अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते को लेकर दुनिया की नजरें इस सप्ताहांत पर टिकी हुई हैं. अगर यह समझौता सफल होता है तो इससे न केवल मध्य पूर्व में लंबे समय से जारी तनाव कम हो सकता है, बल्कि वैश्विक व्यापार, तेल बाजार और क्षेत्रीय सुरक्षा पर भी इसका सकारात्मक असर देखने को मिल सकता है. हालांकि अंतिम तस्वीर समझौते पर आधिकारिक हस्ताक्षर और दोनों देशों की औपचारिक पुष्टि के बाद ही साफ होगी.