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  • 2026-06-16

Jharkhand News: अब गांव-गांव तक पहुंचेंगी महिला और बाल विकास योजनाएं, झारखंड में 17 नई महिला पर्यवेक्षिकाओं की हुई तैनाती

Jharkhand: महिला एवं बाल विकास से जुड़ी योजनाओं को जमीनी स्तर पर और प्रभावी बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने 17 नव नियुक्त महिला पर्यवेक्षिकाओं की तैनाती विभिन्न जिलों और परियोजनाओं में कर दी है। इस संबंध में समाज कल्याण निदेशालय की ओर से आधिकारिक आदेश जारी किया गया है। नियुक्ति के बाद सभी अधिकारियों को उनके कार्यक्षेत्र आवंटित कर दिए गए हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार, यह पदस्थापन समाज कल्याण निदेशालय में आयोजित स्थापना समिति की बैठक में लिए गए निर्णय के आधार पर किया गया है। सभी चयनित अभ्यर्थियों की अनुशंसा झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा की गई थी। नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें अलग-अलग जिलों की परियोजनाओं में योगदान देने का निर्देश दिया गया है।

इन जिलों और परियोजनाओं में मिली जिम्मेदारी
नई तैनाती के तहत गुड़िया कुमारी को चतरा जिले के सिमरिया परियोजना क्षेत्र में भेजा गया है, जबकि ऊषा निषाद को साहेबगंज जिले के बरहरवा परियोजना की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मुन्नी कुमारी धनबाद सदर, संगीता कुमारी चंदनकियारी (बोकारो) और दीपिका कुमारी गिरिडीह जिले के धनवार परियोजना में कार्य करेंगी। इसी तरह सत्या कुमारी को गोड्डा के पोड़ैयाहाट, अनिता कुमारी को धनबाद के टुंडी, सच्ची रानी को पलामू के तरहसी तथा पूजा गुप्ता को साहेबगंज के मंडरो परियोजना में पदस्थापित किया गया है।

कई जिलों को मिला नया कार्यबल
प्रतिमा कुमारी को देवघर के मारगोमुंडा, रेखा कुमारी को कोडरमा के डोमचांच और एक अन्य गुड़िया कुमारी को हजारीबाग के चौपारण परियोजना में नियुक्त किया गया है। काजल कुमारी को गिरिडीह के गांवा, पूजा कुमारी को धनवार, छाया कुमारी को पश्चिमी सिंहभूम के सोनुवा क्षेत्र में जिम्मेदारी दी गई है। वहीं कुमारी दामिनी पाण्डेय को पलामू के पाटन तथा प्रिया कुमारी को जामताड़ा जिले के करमाटांड़ परियोजना में पदस्थापित किया गया है।

महिला एवं बाल कल्याण योजनाओं को मिलेगा बल
विभाग का मानना है कि नई नियुक्तियों से आंगनबाड़ी सेवाओं, पोषण कार्यक्रमों और महिला-बाल विकास योजनाओं के संचालन में मजबूती आएगी। जिला और परियोजना स्तर पर मानव संसाधन की कमी भी काफी हद तक दूर होगी, जिससे लाभुकों तक सरकारी योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सकेगा।
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