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  • 2026-06-16

TMC MPs Merger: 20 बागी TMC सांसदों के NCPI में जाने से बढ़ा विवाद, दल बदल कानून को लेकर उठे बड़े सवाल

TMC MPs Merger: तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसदों ने गैर मान्यता प्राप्त पार्टी नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया यानी NCPI में शामिल होने का ऐलान कर दिया है. सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को भी इसकी जानकारी दे दी है. इस घटनाक्रम के बाद दल बदल कानून और उसके प्रावधानों को लेकर नई बहस छिड़ गई है. कानूनी जानकार इस पूरे मामले को नियमों की कसौटी पर कमजोर मान रहे हैं.
20 सांसदों के फैसले से TMC में बढ़ी हलचल, 58 विधायकों ने भी बनाया अलग गुट
ममता बनर्जी की पार्टी के 28 लोकसभा सांसदों में से 20 सांसद बागी खेमे में चले गए हैं. उनके साथ 58 विधायक भी अलग गुट बनाकर पार्टी नेतृत्व के खिलाफ खड़े हो गए हैं. बागी सांसदों का नेतृत्व कर रहीं काकोली घोष ने संसद में अलग बैठने की व्यवस्था की मांग की है. हालांकि विधायक और सांसद अलग अलग रणनीति के साथ आगे बढ़ रहे हैं.

कानूनी विशेषज्ञों और सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों के आधार पर उठे सवाल
पूर्व लोकसभा महासचिव पीडीटी आचार्य ने कहा है कि दल बदल विरोधी कानून के तहत केवल सांसदों या विधायकों का दूसरी पार्टी में जाना विलय नहीं माना जाता. इसके लिए मूल राजनीतिक दल का विलय जरूरी होता है. वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने भी कहा है कि किसी भी तरह का विलय या विभाजन पहले संगठन स्तर पर होना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट भी अपने पुराने फैसलों में साफ कर चुका है कि पार्टी के भीतर चुने गए सदस्य खुद को संगठन से ऊपर नहीं मान सकते और अंतिम अधिकार मूल पार्टी नेतृत्व के पास ही रहता है.

हाईकोर्ट पहुंची लड़ाई, स्पीकर के फैसले पर टिकी सबकी नजर
बागी नेताओं के खिलाफ टीएमसी ने कानूनी मोर्चा तेज कर दिया है. कल्याण बनर्जी ने ऋतब्रत बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष बनाए जाने के फैसले को कलकत्ता हाईकोर्ट में चुनौती दी है. वहीं अभिषेक बनर्जी, सागरिका घोष और कीर्ति आजाद ने भी लोकसभा स्पीकर से बागी गुट को मान्यता नहीं देने की मांग की है. अब इस पूरे विवाद में सभी की नजर स्पीकर के अंतिम फैसले और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर टिकी हुई है.


TMC के भीतर शुरू हुई यह बगावत अब राजनीतिक विवाद से आगे बढ़कर संवैधानिक और कानूनी बहस का विषय बन गई है. आने वाले दिनों में स्पीकर और अदालतों के फैसले यह तय करेंगे कि बागी सांसदों की रणनीति दल बदल कानून की कसौटी पर कितनी टिक पाती है.
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