Rajya Sabha Elections: राज्यसभा की खाली सीटों के लिए होने वाले चुनाव से पहले झारखंड की राजनीति पूरी तरह गरमा गई है। जोड़-तोड़ और क्रॉस वोटिंग की आशंकाओं के बीच सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही खेमों ने अपने-अपने विधायकों को एकजुट रखने की कवायद तेज कर दी है, जिससे राजनीतिक माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया है।
बंधु तिर्की के दावे से बढ़ा सियासी तापमान, भाजपा ने आरोपों को बताया विपक्ष की रणनीति
कांग्रेस नेता बंधु तिर्की के उस बयान ने सियासी हलचल को और बढ़ा दिया है, जिसमें उन्होंने भाजपा के तीन विधायकों के संपर्क में होने का दावा किया है। इस बयान के बाद राजनीतिक चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है, हालांकि भाजपा ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए इसे विपक्ष की रणनीति बताया है।
क्रॉस वोटिंग की आशंका के बीच एनडीए का “होटल प्लान”
एनडीए ने अपने विधायकों को सुरक्षित रखने और किसी भी संभावित टूट-फूट को रोकने के लिए उन्हें होटल में शिफ्ट करने का फैसला किया है। माना जा रहा है कि यह कदम मतदान तक एकजुटता बनाए रखने और क्रॉस वोटिंग की संभावना को खत्म करने की रणनीति का हिस्सा है।
इंडिया गठबंधन की रणनीतिक बैठक, हेमंत सोरेन संग चुनावी समीकरण साधने पर फोकस
इंडिया गठबंधन भी पूरी तरह सक्रिय है और अपने विधायकों की एकजुटता दिखाने के साथ जीत का समीकरण साधने में जुटा है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ गठबंधन नेताओं की अहम बैठक प्रस्तावित है, जिसमें चुनावी रणनीति पर मंथन होगा।
अंतिम दौर में क्रॉस वोटिंग रोकने को लेकर दोनों खेमों की सख्त निगरानी
गौरतलब है कि 18 जून को झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए मतदान होना है। ऐसे में दोनों ही खेमे अंतिम समय तक अपने विधायकों को साधने और किसी भी तरह की क्रॉस वोटिंग से बचाने की कोशिश में लगे हुए हैं, जिससे मुकाबला बेहद दिलचस्प बन गया है।