Gamharia News: पत्रकार सुनील गुप्ता और उनके बेटे पर हुए हमले के मामले में पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे हैं। घटना के दो दिन बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से पत्रकार संगठनों में नाराजगी बढ़ गई है। मामले में पुलिस की सुस्ती के विरोध में प्रेस क्लब ने आंदोलन का ऐलान किया है।
प्रेस क्लब के अध्यक्ष मनमोहन सिंह राजपूत ने बताया कि गुरुवार शाम 5 बजे से धरना शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पत्रकारों पर हमला सिर्फ एक व्यक्ति पर नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था और अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला है।
दरअसल, रविवार को गम्हरिया के मोती नगर इलाके में पत्रकार सुनील गुप्ता और उनके पुत्र अनुराग कुमार गुप्ता पर कुछ लोगों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया था। घटना से पहले कथित रूप से धमकी भरा ऑडियो भी सामने आया था।
सुनील गुप्ता के अनुसार, मोती नगर में वन विभाग की जमीन पर अवैध कब्जा कर खटाल चलाया जा रहा है। खटाल से निकलने वाला गंदा पानी और कचरा उनके घर के पास नाली में बहाया जा रहा था। इसको लेकर उन्होंने वन विभाग से शिकायत की थी।
शिकायत के बाद जब वन विभाग की टीम जांच के लिए पहुंची तो खटाल संचालकों पर धमकी देने का आरोप लगा। सुनील गुप्ता का कहना है कि फोन पर उन्हें कई मिनट तक डराया-धमकाया गया और इसके बाद शाम को उन पर और उनके बेटे पर हमला कर दिया गया।
घटना के बाद पुलिस को सूचना दी गई, लेकिन पीड़ित पक्ष का आरोप है कि आरोपी अब भी खुलेआम घूम रहे हैं। पत्रकारों ने मामले की जांच और पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए हैं। वहीं, थाने पहुंचे कुछ पत्रकारों के साथ आरोपी पक्ष के लोगों द्वारा कथित अभद्र व्यवहार की बात भी सामने आई है।
प्रेस क्लब ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती है तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। अब सभी की नजर पुलिस की अगली कार्रवाई पर है।