Jharkhand News: चाईबासा ट्रेजरी से अवैध निकासी के मामले में जेल में बंद तीन आरोपियों को कोर्ट से राहत नहीं मिली है. सिविल कोर्ट स्थित सीआईडी की विशेष अदालत ने लेखा विभाग के सिपाही देव नारायण मुर्मू समेत तीनों आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी है.
जिन आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज हुई है, उनमें देव नारायण मुर्मू के अलावा अरुण कुमार मार्डी और सरकार हेमरोम शामिल हैं. बताया जा रहा है कि अरुण कुमार मार्डी आरोपी देव नारायण मुर्मू के जीजा हैं, जबकि सरकार हेमरोम उसके साले हैं.
26.21 लाख रुपये की अवैध निकासी का आरोप
सीआईडी की जांच के अनुसार, आरोपियों पर पिछले करीब नौ वर्षों के दौरान पुलिस विभाग के सरकारी खजाने से 26.21 लाख रुपये की अवैध निकासी कर अलग-अलग पांच बैंक खातों में ट्रांसफर करने का आरोप है.
जांच में सामने आया है कि यह राशि पुलिसकर्मियों के लंबित वेतन, पेंशन और अन्य मदों से जुड़ी रकम के रूप में निकाली गई थी. आरोप है कि सरकारी प्रक्रिया का दुरुपयोग कर राशि को निजी खातों में भेजा गया.
वेतन घोटाला सामने आने के बाद हुई गिरफ्तारी
देव नारायण मुर्मू वर्ष 2017 से 2025 तक पुलिस के लेखा विभाग में पदस्थापित था. वह वर्ष 2009 में पुलिस सेवा में बहाल हुआ था. वेतन घोटाले का मामला सामने आने के बाद सीआईडी ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार किया था.
इस मामले में सीआईडी ने कांड संख्या 7/2026 दर्ज कर जांच शुरू की है. एजेंसी अब पूरे नेटवर्क और अन्य संभावित संलिप्त लोगों की भूमिका की जांच कर रही है.