Ranchi News : झारखंड आंदोलन के प्रमुख शिल्पकार और पूर्व मुख्यमंत्री दिशोम गुरु शिबू सोरेन को 23 जून को मरणोपरांत पद्म भूषण से सम्मानित किया जाएगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति भवन में आयोजित विशेष समारोह में यह सम्मान प्रदान करेंगी। दिवंगत शिबू सोरेन की ओर से उनके पुत्र और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पद्म भूषण सम्मान ग्रहण करेंगे।
केंद्र सरकार ने इस वर्ष गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर शिबू सोरेन को सार्वजनिक जीवन, आदिवासी समाज के उत्थान और झारखंड राज्य के गठन में उनके ऐतिहासिक योगदान के लिए देश के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म भूषण (मरणोपरांत) से सम्मानित करने की घोषणा की थी।
झारखंड आंदोलन के महानायक को मिलेगा राष्ट्रीय सम्मान
शिबू सोरेन ने अलग झारखंड राज्य के आंदोलन को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। आदिवासियों, वंचितों और शोषित वर्गों के अधिकारों के लिए उनके लंबे संघर्ष के कारण उन्हें दिशोम गुरु के नाम से पहचान मिली। वे झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के संस्थापक नेताओं में रहे और तीन बार झारखंड के मुख्यमंत्री तथा केंद्र सरकार में केंद्रीय मंत्री भी रहे।
उनके निधन के बाद भी राज्य और देशभर में उनके योगदान को याद किया जाता है। पद्म भूषण सम्मान को झारखंड आंदोलन और आदिवासी समाज के संघर्षों को राष्ट्रीय स्तर पर मिली बड़ी पहचान के रूप में देखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन करेंगे सम्मान ग्रहण
राष्ट्रपति भवन में 23 जून को आयोजित पद्म पुरस्कार समारोह में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने दिवंगत पिता की ओर से पद्म भूषण सम्मान प्राप्त करेंगे। इस अवसर को झारखंड के लिए गौरवपूर्ण और ऐतिहासिक क्षण माना जा रहा है। शिबू सोरेन को यह सम्मान मिलने के बाद उन्हें भारत रत्न दिए जाने की मांग भी एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर तेज हो गई है।