Koderma: कोडरमा जिले के डोमचांच थाना क्षेत्र में जंगली हाथियों के झुंड ने एक बार फिर ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शनिवार रात गांव में पहुंचे हाथियों ने जमकर उत्पात मचाया, जिससे कई परिवारों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। घटना के बाद पूरे इलाके में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। बताया जा रहा है कि हाथियों का झुंड गोलगो गांव में पहुंचा और वहां कई मकानों को नुकसान पहुंचाया। हाथियों ने घरों की दीवारें और अन्य संरचनाएं तोड़ दीं, जिससे ग्रामीणों को आर्थिक क्षति हुई। अचानक हुए हमले से लोग रातभर दहशत में रहे।
विद्यालय भी नहीं बच पाया
हाथियों के झुंड ने गांव के एक स्कूल परिसर को भी नुकसान पहुंचाया। विद्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार को तोड़ दिया गया, जिससे स्कूल की संपत्ति को क्षति पहुंची है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते हाथियों को नहीं रोका गया तो आगे और नुकसान हो सकता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, हाथियों का यह दल पिछले कुछ दिनों से सतगांवां और मेघातरी क्षेत्र के आसपास देखा जा रहा था। बाद में यह झुंड डोमचांच इलाके में पहुंच गया। ग्रामीणों ने हाथियों को गोलगो गांव से आगे ढोढाकोला की दिशा में जाते हुए भी देखा।
वन विभाग अलर्ट मोड में
घटना के बाद वन विभाग की टीम सक्रिय हो गई है। अधिकारी लगातार क्षेत्र की निगरानी कर रहे हैं और लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। विभाग हाथियों को आबादी वाले क्षेत्रों से दूर ले जाने के प्रयास में जुटा हुआ है। वन अधिकारियों का कहना है कि कई बार हाथियों को कोडरमा और बिहार की सीमा से लगे जंगलों की ओर खदेड़ा जाता है, लेकिन कुछ समय बाद वे फिर से आबादी वाले इलाकों में पहुंच जाते हैं। यही वजह है कि इस समस्या के स्थायी समाधान की जरूरत महसूस की जा रही है।
ग्रामीणों ने मांगा स्थायी उपाय
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में हाथियों ने जिले के कई गांवों में फसलों, मकानों और अन्य संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया है। कई मामलों में जान-माल की हानि भी हुई है। लोगों ने प्रशासन और वन विभाग से मांग की है कि हाथियों की बढ़ती आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए ठोस और दीर्घकालिक कदम उठाए जाएं।