Jamshedpur News : पूर्वी सिंहभूम जिले में एक बार फिर नक्सली गतिविधियों को लेकर सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में आ गई हैं। खुफिया इनपुट में 15 लाख रुपये के इनामी नक्सली राम प्रकाश मार्डी उर्फ सचिन के पटमदा, बोड़ाम और आसपास के इलाकों में सक्रिय होने की सूचना मिली है। इसके बाद पुलिस, सीआरपीएफ और अन्य सुरक्षा बलों ने दलमा वन क्षेत्र समेत संवेदनशील इलाकों में व्यापक सर्च अभियान शुरू कर दिया है।
दलमा के जंगलों में दस्ते के साथ देखे जाने की सूचना
सूत्रों के मुताबिक, राम प्रकाश मार्डी उर्फ सचिन अपने नक्सली दस्ते के साथ दलमा के जंगलों में देखा गया है। इससे पहले सुरक्षा एजेंसियों को 5 लाख रुपये के इनामी नक्सली बिरेन सिंह उर्फ सागर, उसकी पत्नी मीणा और मदन महतो के क्षेत्र में सक्रिय होने की सूचना मिली थी। अब सचिन की मौजूदगी की जानकारी मिलने के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।
2024 में नक्सल मुक्त घोषित हुआ था जिला
बताया जा रहा है कि सचिन मूल रूप से पटमदा थाना क्षेत्र का रहने वाला है। हालांकि उसके पैतृक गांव पहुंचने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2024 में पूर्वी सिंहभूम को नक्सल प्रभाव से मुक्त घोषित किया गया था, लेकिन हाल के खुफिया इनपुट ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। इसी कारण जंगलों और सीमावर्ती इलाकों में लगातार निगरानी बढ़ा दी गई है।
कारोबारियों और पेट्रोल पंप संचालकों से लेवी मांगने की सूचना
खुफिया एजेंसियों को यह भी जानकारी मिली है कि पटमदा, बोड़ाम और गालूडीह क्षेत्र के कुछ कारोबारियों और पेट्रोल पंप संचालकों से कथित तौर पर लेवी की मांग की गई है। बताया जा रहा है कि कुछ पेट्रोल पंप मालिकों को पर्चे भेजकर जंगल में मिलने के लिए कहा गया था। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है।
दलमा से ट्रैप कैमरे भी गायब, जांच जारी, सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर
इधर, दलमा वन क्षेत्र में वन्यजीवों की निगरानी के लिए लगाए गए कई ट्रैप कैमरे और उनके उपकरण गायब होने की भी सूचना मिली है। वन विभाग ने इस संबंध में स्थानीय थाना में शिकायत दर्ज कराई है। अधिकारियों का कहना है कि कैमरों के गायब होने के कारणों की जांच की जा रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर पड़ताल की जा रही है।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, राम प्रकाश मार्डी उर्फ सचिन का नाम कई नक्सली घटनाओं में सामने आ चुका है और उस पर 15 लाख रुपये का इनाम घोषित है। पुराने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में दोबारा गतिविधियां बढ़ने की आशंका को देखते हुए पुलिस और सुरक्षा बल लगातार कॉम्बिंग ऑपरेशन चला रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए हर संभावित गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है।