Chaibasa News: पिछले तीन महीने से मानदेय भुगतान नहीं होने से नाराज 108 एंबुलेंस सेवा के चालक और कर्मचारियों ने गुरुवार को सिविल सर्जन कार्यालय के समक्ष धरना शुरू कर दिया. कर्मियों ने स्पष्ट कहा है कि बकाया मानदेय मिलने तक उनका आंदोलन और हड़ताल जारी रहेगी.
संचालन एजेंसी पर लगाया भुगतान में लापरवाही का आरोप
धरना दे रहे कर्मियों ने 108 एंबुलेंस सेवा संचालित करने वाली एजेंसी सम्मान फाउंडेशन पर समय पर वेतन नहीं देने का आरोप लगाया. कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने पहले ही सिविल सर्जन को ज्ञापन सौंपकर 24 जून तक बकाया भुगतान की मांग की थी, लेकिन कोई ठोस पहल नहीं की गई.
जिले में प्रभावित हुई आपातकालीन सेवा
हड़ताल का असर जिले की आपात स्वास्थ्य सेवाओं पर साफ दिखाई देने लगा है. पश्चिम सिंहभूम जिले में 108 एंबुलेंस सेवा से जुड़े करीब 60 चालक और ईएमटी कार्यरत हैं. जिले में कुल 22 एंबुलेंस हैं, जिनमें से 17 संचालित स्थिति में हैं. हड़ताल के कारण गुरुवार को केवल सात एंबुलेंस ही सेवा दे सकीं.
ग्रामीण इलाकों के मरीज सबसे अधिक प्रभावित
एंबुलेंस सेवाएं प्रभावित होने से ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों और उनके परिजनों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है. कई जरूरतमंद मरीजों को समय पर वाहन नहीं मिलने से इलाज के लिए अस्पताल पहुंचने में कठिनाई हो रही है.
कर्मियों ने बताई आर्थिक परेशानी
धरना स्थल पर कर्मचारियों ने कहा कि लगातार तीन महीने से वेतन नहीं मिलने के कारण परिवार चलाना मुश्किल हो गया है. बच्चों की पढ़ाई, राशन और दवाओं तक की व्यवस्था प्रभावित हो रही है. उन्होंने बताया कि कई बार एजेंसी के समक्ष अपनी समस्या रखी गई, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला.
विभाग ने एजेंसी से बात करने का दिया भरोसा
मामले पर सिविल सर्जन ने कहा कि मानदेय भुगतान संचालन एजेंसी और कर्मियों के बीच का विषय है. हालांकि मरीजों की परेशानी को देखते हुए विभाग एजेंसी से बातचीत कर जल्द भुगतान सुनिश्चित कराने का प्रयास करेगा. उन्होंने बकाया राशि जारी करने के लिए एजेंसी को निर्देश देने की बात भी कही.
वेतन मिलने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
हड़ताली कर्मियों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनके खातों में बकाया मानदेय नहीं पहुंचता, तब तक धरना और हड़ताल जारी रहेगी. कर्मचारियों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो जिले की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह प्रभावित हो सकती हैं.