Jamshedpur Cyber Fraud: जमशेदपुर का जिला प्रशासन को जानकारी प्राप्त हुई है कि कुछ अज्ञात व्यक्ति रांची डीसी कार्यालय का नाम लेकर झारखंड मुख्यमंत्री मइयां सम्मान योजना के लाभुकों एवं पदाधिकारियों से कॉल के माध्यम से लाभुकों की सूची एवं अन्य जानकारियों की मांग कर रहे हैं। इस क्रम में कॉल करने वाला व्यक्ति जमशेदपुर के उपायुक्त का प्रोफाइल फोटो लगाकर व्हाट्सएप पर भी जानकारी साझा करने हेतु दबाव बना रहा है।
जिला प्रशासन इस प्रकार की गतिविधि को साइबर ठगी का प्रयास मानते हुए आम नागरिकों से अपील करता है कि वे ऐसे किसी भी कॉल या संदेश के झांसे में न आएं एवं किसी भी प्रकार की व्यक्तिगत या योजना संबंधी जानकारी अज्ञात व्यक्ति से साझा न करें। उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने स्पष्ट किया है कि जिला प्रशासन या किसी भी सरकारी कार्यालय द्वारा इस प्रकार की व्यक्तिगत जानकारी टेलीफोन अथवा व्हाट्सएप के माध्यम से नहीं मांगी जाती है।
यह एक सुनियोजित साइबर फ्रॉड प्रतीत हो रहा है, जिसकी सूचना साइबर सेल को दी जा चुकी है। जिला प्रशासन नागरिकों से अपील करता है कि वे जागरूक रहें, सतर्क रहें और किसी भी प्रकार की ठगी से स्वयं को सुरक्षित रखें।
साइबर ठगी से बचने के लिए हमें कुछ बातों का ध्यान रखना होगा। सबसे पहले, हमें किसी भी अज्ञात व्यक्ति से व्यक्तिगत जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। इसके अलावा, हमें किसी भी संदिग्ध कॉल या संदेश की सूचना साइबर सेल को देनी चाहिए।
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे ऐसे किसी भी कॉल या संदेश के झांसे में न आएं और किसी भी प्रकार की व्यक्तिगत या योजना संबंधी जानकारी अज्ञात व्यक्ति से साझा न करें। जिला प्रशासन नागरिकों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और साइबर ठगी के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए तैयार है।
जमशेदपुर में साइबर ठगी का नया तरीका सामने आया है, जिसमें अज्ञात व्यक्ति सरकारी योजना के लाभुकों से व्यक्तिगत जानकारी मांग रहे हैं। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे ऐसे किसी भी कॉल या संदेश के झांसे में न आएं और साइबर ठगी से स्वयं को सुरक्षित रखें। हमें जागरूक रहना होगा और साइबर ठगी के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए तैयार रहना होगा।