Jamshedpur News: जमशेदपुर के बिष्टुपुर थाना क्षेत्र के चर्चित हिमांशु सिंह हत्याकांड की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। जिले के नए वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) एहतेशाम वकारिब ने पदभार संभालते ही मामले की विस्तृत समीक्षा की। वरिष्ठ अधिकारियों और एसआईटी के साथ हुई बैठक में अब तक की जांच, तकनीकी साक्ष्यों और आगे की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।
CCTV फुटेज बनी सबसे बड़ी कड़ी
पुलिस ने 24 जून की रात 8 बजे से 12 बजे तक बार परिसर में लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज अपने कब्जे में लेकर उसकी गहन जांच शुरू कर दी है। फुटेज के जरिए यह पता लगाया जा रहा है कि विवाद कैसे शुरू हुआ, सबसे पहले हथियार किसने निकाला, हिमांशु सिंह पर हमला किस क्रम में हुआ और घटना के वक्त वहां मौजूद लोगों की गतिविधियां क्या थीं। पुलिस का मानना है कि यही फुटेज पूरे मामले की सबसे अहम कड़ी साबित हो सकती है।
मुख्य आरोपी तक पहुंचने की कोशिश
जांच का फोकस मुख्य आरोपी विश्वनाथ मंडल उर्फ बोदरा तक पहुंचने और यह पता लगाने पर है कि उसे घटनास्थल पर किसने बुलाया था। इसके लिए पुलिस कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), मोबाइल टावर लोकेशन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। यदि किसी व्यक्ति की भूमिका आरोपी को सुनियोजित तरीके से बुलाने में सामने आती है, तो उसे भी साजिश का हिस्सा माना जा सकता है।
बार स्टाफ और संचालक भी जांच के घेरे में
एसआईटी ने बार के मैनेजर, वेटर, बाउंसर, कैशियर और अन्य कर्मचारियों से पूछताछ तेज कर दी है। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि विवाद किस टेबल से शुरू हुआ, बिल किसने चुकाया और कर्मचारियों ने घटना के दौरान क्या देखा। वहीं बार संचालक नीरज सिंह की भूमिका की भी जांच की जा रही है कि क्या उन्हें हथियारबंद लोगों की जानकारी थी, क्या किसी आरोपी को भागने में मदद मिली और कहीं सुरक्षा नियमों या लाइसेंस शर्तों का उल्लंघन तो नहीं हुआ।
फोरेंसिक और डिजिटल जांच पर पूरा जोर
मामले को मजबूत बनाने के लिए फोरेंसिक टीम घटनास्थल से मिले खून के नमूनों, फिंगरप्रिंट और अन्य भौतिक साक्ष्यों की जांच कर रही है। साथ ही तकनीकी शाखा मोबाइल लोकेशन, कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल डेटा का विश्लेषण कर घटना के समय मौजूद हर व्यक्ति की गतिविधियों का क्रम तैयार करने में जुटी है।
फरार आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस का कहना है कि जांच पूरी तरह साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और घटना से जुड़ी कोई भी महत्वपूर्ण जानकारी पुलिस के साथ साझा करें, ताकि निष्पक्ष जांच के जरिए पूरे मामले का जल्द खुलासा किया जा सके।