Ayodhya Ram Mandir: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच अब नए मोड़ पर पहुंच गई है. स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने बैंक खातों की जांच के दौरान मिले वित्तीय आंकड़ों के आधार पर मामले की पड़ताल तेज कर दी है. शुरुआती जांच में सामने आए लेन-देन के पैटर्न के बाद टीम को आशंका है कि अनियमितताएं लंबे समय से चल रही हो सकती हैं. हालांकि, जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष आना बाकी है.
बैंक खातों के रिकॉर्ड से बढ़ा शक
सूत्रों के मुताबिक, मामले के सामने आने से पहले राम मंदिर ट्रस्ट के एसबीआई और पीएनबी खातों में प्रतिदिन करीब 16 से 18 लाख रुपये जमा हो रहे थे. वहीं, चोरी का मामला उजागर होने के बाद यही राशि बढ़कर 24 से 26 लाख रुपये प्रतिदिन तक पहुंच गई. इसी अंतर को आधार बनाकर SIT यह पता लगाने में जुटी है कि रकम में यह बदलाव किन वजहों से आया.
बैंक कर्मचारियों से पूछताछ, दस्तावेज खंगाल रही टीम
जांच के तहत SIT ने बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ शुरू कर दी है. सूत्रों का कहना है कि एक शाखा प्रबंधक समेत करीब 10 बैंक कर्मचारियों से जानकारी ली गई है. इसके अलावा लेन-देन से जुड़े कई दस्तावेज भी जांच एजेंसी ने अपने कब्जे में लिए हैं. टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि धन के प्रवाह में किसी तरह की गड़बड़ी हुई या नहीं.
गहनों के रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में
जांच एजेंसी अब मंदिर के आभूषणों और अन्य कीमती वस्तुओं के रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है. सूत्रों के अनुसार, कुछ गहनों के संबंध में स्पष्ट जानकारी नहीं मिलने के बाद SIT इस पहलू की भी पड़ताल कर रही है. जांच के दौरान यह आशंका भी जताई जा रही है कि चोरी किए गए आभूषणों को गलाकर उनका स्वरूप बदला गया हो. हालांकि, इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. इसी क्रम में जांच एजेंसी ने आभूषणों से जुड़े दस्तावेज, लेन-देन का रिकॉर्ड और संबंधित संस्थानों से जानकारी मांगी है.