Jharkhand Digital Roadmap: झारखंड सरकार राज्य को डिजिटल टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की तैयारी में है. दो दिवसीय कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन राज्य का डिजिटल रोडमैप पेश करेंगे.
इस दौरान आईटी, आईटीईएस, एआई और अन्य उभरती तकनीकों के जरिए निवेश बढ़ाने, रोजगार के अवसर तैयार करने और डिजिटल नवाचार को आगे बढ़ाने की रणनीति रखी जाएगी. कार्यक्रम में देश और विदेश की करीब 100 आईटी व टेक्नोलॉजी कंपनियों के प्रतिनिधि, नीति निर्माता, विशेषज्ञ और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे.
सरकार का लक्ष्य एआई को केवल तकनीक तक सीमित रखने का नहीं है. इसे प्रशासनिक कामकाज को तेज, पारदर्शी और अधिक जवाबदेह बनाने के साथ आम लोगों तक बेहतर सरकारी सेवाएं पहुंचाने के माध्यम के रूप में विकसित करने की तैयारी है.
पहली बार निवेशकों के सामने रखा जाएगा रांची IT पार्क
कार्यक्रम में रांची IT पार्क को पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर निवेश के बड़े अवसर के रूप में पेश किया जाएगा. यह पार्क राजधानी के कोर कैपिटल एरिया में करीब 100.97 एकड़ विवादमुक्त सरकारी जमीन पर प्रस्तावित है.
आईआईएम रांची और बिरसा मुंडा एयरपोर्ट के पास होने के कारण इस परियोजना को निवेशकों के लिए अहम माना जा रहा है. सरकार का मानना है कि बेहतर लोकेशन, उपलब्ध जमीन और नीतिगत प्रोत्साहन से आईटी कंपनियों को यहां निवेश के लिए आकर्षित किया जा सकेगा.
निवेशकों को मिलेंगी कई रियायतें
राज्य सरकार झारखंड IT नीति-2023 के तहत उपलब्ध प्रोत्साहन योजनाओं की जानकारी भी कंपनियों को देगी. इसके तहत निवेशकों को 50 प्रतिशत तक पूंजीगत निवेश प्रतिपूर्ति का लाभ मिल सकता है.
इसके अलावा स्टांप शुल्क और बिजली शुल्क में 100 प्रतिशत तक छूट देने का प्रावधान है. सरकार के अनुसार, झारखंड में हर वर्ष 20 हजार से अधिक आईटी स्नातक तैयार हो रहे हैं. इससे कंपनियों को कुशल तकनीकी मानव संसाधन उपलब्ध होने की उम्मीद है.
ड्राफ्ट AI पॉलिसी-2026 पर भी मांगे जाएंगे सुझाव
कार्यक्रम में वर्ष 2026 से 2031 के लिए प्रस्तावित ड्राफ्ट AI पॉलिसी-2026 पर भी चर्चा होगी. सरकार इस नीति को अंतिम रूप देने से पहले उद्योग, विशेषज्ञों और अन्य हितधारकों से सुझाव लेगी.
प्रस्तावित नीति में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में स्टेट AI मिशन बनाने की बात कही गई है. जैप-आईटी को नोडल एजेंसी बनाकर झारखंड AI क्लाउड विकसित करने की योजना भी रखी जाएगी.
कृषि, स्वास्थ्य और खनिज क्षेत्र में AI का उपयोग
सरकार एआई का इस्तेमाल सुशासन, कृषि, स्वास्थ्य सेवाओं और खनिज संसाधन प्रबंधन में बढ़ाने की तैयारी कर रही है. अलग-अलग विभागों के आंकड़ों को एक प्लेटफॉर्म पर जोड़कर एआई आधारित निर्णय प्रणाली विकसित करने की भी योजना है.
इस पहल से योजनाओं की निगरानी, संसाधनों के बेहतर उपयोग और लोगों तक सेवाओं की पहुंच में सुधार की उम्मीद है.