Current News : संसद के आगामी मानसून सत्र से पहले लोकसभा की सीटों की संख्या बढ़ाने और संविधान संशोधन को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार संविधान संशोधन विधेयक लाने की कोशिश कर सकती है, जिसका कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल विरोध करेंगे।
संविधान संशोधन को बताया खतरनाक
जयराम रमेश ने कहा कि सरकार जिस संविधान संशोधन विधेयक को लाना चाहती है, वह बेहद खतरनाक है। उन्होंने दावा किया कि यह विधेयक पहले भी पेश किया गया था, जिसके बाद इसे संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के पास भेजा गया था। उनका आरोप है कि अधिकांश विपक्षी दलों ने इसका विरोध किया था।
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित प्रावधान के अनुसार यदि किसी मंत्री के खिलाफ ऐसा आपराधिक मामला हो, जिसमें पांच वर्ष या उससे अधिक की सजा का प्रावधान हो और वह लगातार 30 दिनों तक जेल में रहे, तो 31वें दिन उसे पद छोड़ना होगा। उन्होंने कहा कि भारतीय न्याय व्यवस्था में किसी व्यक्ति को अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने तक निर्दोष माना जाता है।
परिसीमन और विपक्ष को लेकर भी साधा निशाना, 20 जुलाई से शुरू होगा मानसून सत्र
कांग्रेस सांसद ने परिसीमन से जुड़े प्रस्तावों का भी जिक्र करते हुए कहा कि सरकार को पर्याप्त समर्थन नहीं मिला था। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार विपक्षी दलों को कमजोर करने और उनमें टूट पैदा करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना का उल्लेख करते हुए कहा कि यह केवल एक दल नहीं, बल्कि पूरे विपक्ष पर दबाव बनाने की कोशिश है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 20 जुलाई से 13 अगस्त तक संसद के मानसून सत्र को मंजूरी दे दी है। माना जा रहा है कि इस बार का सत्र काफी हंगामेदार रह सकता है। सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित संविधान संशोधन विधेयक और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के ऑपरेशन सिंदूर पर दिए गए बयान को लेकर विपक्ष सरकार को घेरने की तैयारी में है। इससे संसद में तीखी बहस और राजनीतिक टकराव की संभावना जताई जा रही है।