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  • 2026-07-05

BJP Jharkhand: रिम्स पार्ट-2 पर भाजपा का सवाल, पहले मौजूदा रिम्स की व्यवस्था सुधारने की मांग

BJP Jharkhand: झारखंड में प्रस्तावित रिम्स पार्ट-2 को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. भाजपा की प्रदेश प्रवक्ता राफिया नाज ने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के बयान पर सवाल उठाते हुए कहा कि नई परियोजना की घोषणा से पहले सरकार को रिम्स की मौजूदा स्वास्थ्य व्यवस्था को दुरुस्त करना चाहिए.

राफिया नाज ने कहा कि राज्य का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल रिम्स डॉक्टरों, नर्सों, दवाइयों, बेड और जरूरी चिकित्सा उपकरणों की कमी से जूझ रहा है. ऐसे में रिम्स पार्ट-2 की घोषणा करने के बजाय सरकार को पहले रिम्स पार्ट-1 में मरीजों को बेहतर इलाज, पर्याप्त दवाइयां और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करानी चाहिए.

"मरीजों को अब भी करना पड़ता है इंतजार"
भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि रिम्स में इलाज के लिए पहुंचने वाले गरीब मरीजों को लंबी कतारों, डॉक्टरों के इंतजार और दवाइयों की कमी का सामना करना पड़ता है. कई बार मरीजों के परिजनों को निजी अस्पतालों या मेडिकल दुकानों से महंगी दवाइयां खरीदनी पड़ती हैं.

उन्होंने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत नहीं होने के कारण कई परिवारों को गंभीर इलाज के लिए कर्ज लेने तक की नौबत आ जाती है. राफिया नाज के अनुसार, केवल नई इमारत या बड़ी परियोजना की घोषणा से स्वास्थ्य व्यवस्था नहीं सुधरेगी.

CAG रिपोर्ट का हवाला देकर उठाया रिक्त पदों का मुद्दा
राफिया नाज ने भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की वर्ष 2025 की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि झारखंड में डॉक्टर, स्टाफ नर्स और पैरामेडिकल कर्मियों के हजारों पद लंबे समय से खाली हैं. उन्होंने कहा कि इन पदों पर नियुक्ति नहीं होना स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है.

उन्होंने कहा कि भाजपा को रिम्स पार्ट-2 बनाए जाने से आपत्ति नहीं है, लेकिन मौजूदा अस्पतालों को मजबूत किए बिना और उचित स्थान चयन के बिना नई परियोजना शुरू करना सही नहीं होगा.

निजी अस्पतालों की महंगी चिकित्सा का भी उठाया मुद्दा
भाजपा प्रवक्ता ने रांची के एक निजी अस्पताल में मरीज को 22 लाख रुपये का बिल दिए जाने का मामला भी उठाया. उन्होंने कहा कि यदि सरकारी अस्पतालों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होतीं, तो लोगों को निजी अस्पतालों की महंगी चिकित्सा सेवाओं पर निर्भर नहीं रहना पड़ता.

राफिया नाज ने आरोप लगाया कि राज्य के कई जिलों में अब भी ब्लड बैंक, एंबुलेंस और मुफ्त दवा जैसी बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी है. गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पाने की शिकायतें भी आती रहती हैं.



स्वास्थ्य मंत्री से मांगा जवाब
राफिया नाज ने स्वास्थ्य मंत्री से पूछा कि डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के रिक्त पद कब भरे जाएंगे. उन्होंने अस्पतालों में दवा, डॉक्टर और आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की.

उन्होंने कहा कि रिम्स पार्ट-1 को बेहतर बनाए बिना रिम्स पार्ट-2 की घोषणा जनता को राहत देने के बजाय राजनीतिक संदेश देने का प्रयास नजर आती है.
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