Jharkhand Industrial Policy: झारखंड सरकार ने औद्योगिक निवेश बढ़ाने और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. उद्योग विभाग ने झारखंड औद्योगिक एवं निवेश प्रोत्साहन नीति-2026 का ड्राफ्ट जारी कर दिया है. सरकार ने इस प्रस्तावित नीति पर उद्योग जगत, निवेशकों और अन्य संबंधित पक्षों से सुझाव व आपत्तियां मांगी हैं.
नई नीति में राज्य में कम से कम 1 लाख करोड़ रुपये के औद्योगिक निवेश और 25 हजार लोगों के लिए रोजगार सृजन का लक्ष्य तय किया गया है. सरकार का दावा है कि यह नीति क्षेत्रीय असंतुलन कम करने, पिछड़े इलाकों में उद्योग स्थापित करने और स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ाने में मदद करेगी.
लॉजिस्टिक्स पार्क और कोल्ड स्टोरेज को बढ़ावा
ड्राफ्ट नीति में हाईवे और रेलवे टर्मिनल के आसपास आधुनिक लॉजिस्टिक्स पार्क, वेयरहाउसिंग हब और कोल्ड स्टोरेज चेन विकसित करने का प्रस्ताव है. इसके लिए निवेशकों को विशेष वित्तीय सहायता दी जाएगी.
सरकार का मानना है कि बेहतर भौगोलिक कनेक्टिविटी का उपयोग कर झारखंड को पूर्वी भारत के महत्वपूर्ण औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकता है. इससे कृषि उत्पादों, खाद्य प्रसंस्करण और विनिर्माण क्षेत्र को भी फायदा मिलने की उम्मीद है.
पेटेंट और नई तकनीक पर मिलेगी सहायता
एमएसएमई इकाइयों को नवाचार के लिए भी प्रोत्साहन दिया जाएगा. यदि कोई इकाई राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर का पेटेंट लेती है या आधुनिक तकनीक का हस्तांतरण करती है, तो सरकार खर्च का 50 प्रतिशत तक सहयोग देगी. इसकी अधिकतम सीमा 10 लाख रुपये रखी गई है.
नई औद्योगिक इकाइयों को जमीन के निबंधन पर लगने वाली स्टांप ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क में 100 प्रतिशत छूट देने का प्रस्ताव है. उत्पादन शुरू होने के शुरुआती पांच वर्षों तक बिजली शुल्क में भी रियायत दी जाएगी.
पिछड़े और आकांक्षी जिलों में निवेश पर अतिरिक्त लाभ
नीति में औद्योगिक रूप से पिछड़े, दूरदराज और आकांक्षी जिलों पर विशेष फोकस किया गया है. इन क्षेत्रों में निवेश करने वाले उद्यमियों को जमीन की कीमतों में छूट और स्टांप ड्यूटी में 100 प्रतिशत तक की राहत मिल सकती है.
सरकार राज्य के अलग-अलग हिस्सों में आधुनिक एमएसएमई पार्क भी विकसित करने की तैयारी में है. इसका उद्देश्य छोटे और मध्यम उद्योगों को आवश्यक ढांचा उपलब्ध कराना तथा लोगों को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में पलायन करने से रोकना है.
एमएसएमई को 25 प्रतिशत तक फिक्स्ड कैपिटल सब्सिडी
ड्राफ्ट के अनुसार, नई एमएसएमई इकाइयों को स्थापना के लिए 15 से 25 प्रतिशत तक फिक्स्ड कैपिटल सब्सिडी देने का प्रावधान किया गया है. सब्सिडी की अधिकतम सीमा उद्योग की श्रेणी के अनुसार 5 करोड़ रुपये से 10 करोड़ रुपये तक हो सकती है.
सरकार नए औद्योगिक क्षेत्रों और पार्कों में निर्बाध बिजली, बेहतर सड़क संपर्क और हाई-स्पीड इंटरनेट सुविधा उपलब्ध कराने की योजना पर भी काम करेगी. इससे निवेशकों को बेहतर बुनियादी ढांचा मिलेगा और राज्य में उद्योग लगाने की प्रक्रिया आसान होने की उम्मीद है.