Jamshedpur Breaking: बिष्टुपुर स्थित डीडी बार के बाहर हुए हिमांशु सिंह हत्याकांड में नामजद आरोपी और डीडी बार संचालक नीरज सिंह को राजस्थान से गिरफ्तार किया गया है. बताया जा रहा है कि नीरज सिंह को राजस्थान के खाटू श्याम क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया है और पुलिस उसे जल्द जमशेदपुर ला सकती है.
हालांकि, नीरज सिंह की गिरफ्तारी को लेकर जमशेदपुर पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है. पुलिस की पुष्टि के बाद ही गिरफ्तारी की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.

नीरज सिंह के खिलाफ दर्ज है मामला
नीरज सिंह डीडी बार के संचालक और भाजपा नेता हैं. हिमांशु सिंह हत्याकांड में उन्हें नामजद आरोपी बनाया गया है. इस मामले में पुलिस ने कुल 10 से 11 लोगों को आरोपी बनाया है.
नीरज सिंह के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी में डीडी बार से जुड़े घटनाक्रम और बार के बाहर हुई हिंसक वारदात की जांच की जा रही है. पुलिस पहले भी उनके आवास और अन्य ठिकानों पर छापेमारी कर चुकी है. छापेमारी के दौरान दो लग्जरी वाहनों समेत कुछ दस्तावेज जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई थी.
जमानत याचिका पर सोमवार को सुनवाई
नीरज सिंह की ओर से जमशेदपुर व्यवहार न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की गई है. इसके अलावा जब्त वाहनों को छोड़ने और प्राथमिकी में नामजद किए जाने को चुनौती देने से जुड़ी याचिकाएं भी दायर की गई हैं.
बताया गया है कि इन याचिकाओं पर सोमवार को सुनवाई हो सकती है. नीरज सिंह की ओर से दलील दी गई है कि घटना के समय वह मौके पर मौजूद नहीं थे और हमला डीडी बार के बाहर सड़क पर हुआ था. अदालत में इन दावों और पुलिस के पक्ष पर सुनवाई के बाद आगे की स्थिति स्पष्ट होगी.
27 जून की रात हुई थी हिंसक वारदात
यह मामला 27 जून की रात बिष्टुपुर स्थित डीडी बार के बाहर हुई हिंसक झड़प से जुड़ा है. आरोप है कि बार के अंदर एक युवती के साथ कथित छेड़खानी का विरोध करने पर विवाद शुरू हुआ था. बाद में झगड़ा बाहर तक पहुंच गया और पुलिस की पीसीआर गाड़ी से खींचकर हिमांशु सिंह तथा उसके साथी प्रत्युष सिंह पर धारदार हथियार से हमला किया गया.
हिमांशु सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि प्रत्युष सिंह गंभीर रूप से घायल हुआ. बता दें कि प्रत्युष के इलाज फिलहाल कोलकाता के अपोलो अस्पताल में चल रहा है.
पुलिस ने इस मामले में अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार या निरुद्ध किए जाने की जानकारी दी है, जिनमें नाबालिग शामिल बताए गए हैं. इस मामले में मुख्य आरोपी विश्वनाथ मंडल समेत अन्य फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी चल रही है.
हत्याकांड के बाद शहर में विरोध प्रदर्शन हुए थे. कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने कई थाना क्षेत्रों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की थी.