Chatra News: चतरा जिले के टंडवा प्रखंड स्थित एनटीपीसी पावर प्लांट से निकलने वाली फ्लाई ऐश के परिवहन को लेकर स्थानीय लोगों ने गंभीर चिंता जताई है। ग्रामीणों का आरोप है कि राख से लदे भारी वाहन सुरक्षा मानकों का पालन नहीं कर रहे हैं, जिससे उड़ने वाली धूल आसपास के गांवों में प्रदूषण फैला रही है। उनका कहना है कि टंडवा, सेरनदाग, खधैया, मिश्रौल, धनगड्डा, राहम और नईपारम समेत कई गांवों से गुजरने वाले कई वाहन बिना पूरी तरह तिरपाल से ढके चलते हैं, जिसके कारण बारीक राख हवा में फैल जाती है।
उड़ती फ्लाई ऐश से घर, खेत और सड़कें प्रभावित, धूल से बढ़ी ग्रामीणों की परेशानी
ग्रामीणों का कहना है कि उड़ती फ्लाई ऐश सड़क किनारे बसे घरों, खेतों और सार्वजनिक स्थानों तक पहुंच रही है। सड़कों पर धूल की मोटी परत जमी रहती है और भारी वाहनों की आवाजाही के दौरान हालात और खराब हो जाते हैं। इससे लोगों के दैनिक जीवन के साथ-साथ खेती और आसपास के वातावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
धूल से बढ़ रहीं स्वास्थ्य समस्याएं, पूर्व मुखिया ने नियमों के सख्त पालन की उठाई मांग
स्थानीय लोगों के अनुसार, लगातार धूल उड़ने से खांसी, गले में जलन, आंखों में खुजली, एलर्जी, सांस लेने में दिक्कत और अस्थमा जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। क्षेत्र के पूर्व मुखिया प्रयाग राम ने कहा कि यदि फ्लाई ऐश के परिवहन में पर्यावरणीय नियमों का सख्ती से पालन नहीं कराया गया तो आने वाले समय में स्थिति और गंभीर हो सकती है। उन्होंने प्रशासन, झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और एनटीपीसी प्रबंधन से बिना ढके चलने वाले वाहनों पर कार्रवाई करने तथा सभी वाहनों को निर्धारित मानकों के अनुसार ढककर चलाने की मांग की।
ग्रामीणों ने प्रभावित सड़कों पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव कराने की भी मांग की है, ताकि उड़ने वाली धूल पर नियंत्रण पाया जा सके। फिलहाल इस मामले में एनटीपीसी प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।