Sonam Wangchuk Hunger Strike: जंतर-मंतर पर परीक्षा अनियमितताओं और पेपर लीक के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन के बीच शिक्षाविद और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तबीयत चिंता का विषय बनी हुई है. बुधवार को जारी स्वास्थ्य बुलेटिन के अनुसार, भूख हड़ताल के 11वें दिन उनका वजन सात किलो से अधिक कम हो गया है.
प्रदर्शन 19वें दिन में पहुंच चुका है. प्रदर्शनकारी कथित परीक्षा अनियमितताओं और पेपर लीक मामलों में जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं. उनकी मांग है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो.
59.40 किलो रह गया वजन
मेडिकल बुलेटिन के मुताबिक, सोनम वांगचुक का वजन घटकर 59.40 किलो रह गया है. अनशन शुरू होने के बाद से उनके वजन में सात किलो से अधिक की कमी दर्ज की गई है. बुलेटिन में बताया गया कि बैठने की स्थिति में उनका रक्तचाप 103/68 और लेटने की स्थिति में 111/73 दर्ज किया गया. हृदय गति 74 प्रति मिनट रही, जबकि ब्लड शुगर 75 दर्ज की गई. ऑक्सीजन सैचुरेशन 98 प्रतिशत बताया गया है. डॉक्टरों के अनुसार, शरीर में पानी का स्तर सामान्य है और वह मानसिक रूप से सतर्क हैं.
जवाबदेही और कार्रवाई की मांग
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बार-बार सामने आ रहे पेपर लीक और परीक्षा संबंधी अनियमितताओं से छात्रों और उनके परिवारों को नुकसान हुआ है. उनकी मांग है कि मामलों की निष्पक्ष जांच हो, जिम्मेदार लोगों की पहचान की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए.
X अकाउंट से रोक हटने पर जताई खुशी
प्रदर्शन से जुड़े संगठन ने दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश का स्वागत किया है, जिसमें संगठन के आधिकारिक X अकाउंट पर लगी रोक हटाने को कहा गया है. संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके ने इसे आंदोलन के लिए अहम सफलता बताया. उनका कहना है कि सोशल मीडिया के जरिए छात्रों की आवाज अधिक लोगों तक पहुंच सकेगी.
AISA नेताओं का भी अनशन जारी
प्रदर्शन स्थल पर ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन, यानी AISA, से जुड़े कई छात्र नेता अलग मंच से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा.