Sanjeev Arora Case: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और पंजाब के पूर्व कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के खिलाफ 103 करोड़ रुपये के कथित फर्जी IPhone निर्यात और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में विशेष पीएमएलए अदालत में चार्जशीट दाखिल की है. एजेंसी का आरोप है कि फर्जी दस्तावेजों और शेल कंपनियों के जरिए अवैध धन को वैध कारोबारी आय के रूप में दिखाने की कोशिश की गई. हालांकि, इन आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत की सुनवाई के बाद ही होगा.
फर्जी निर्यात का आरोप, 44 हजार iPhone का जिक्र
ईडी के मुताबिक, जांच में सामने आया है कि दुबई को iPhone निर्यात केवल कागजों तक सीमित था. एजेंसी का दावा है कि फर्जी खरीद बिल और निर्यात दस्तावेज तैयार कर करीब 44 हजार मोबाइल फोन के निर्यात का रिकॉर्ड बनाया गया. ईडी का आरोप है कि इस कथित लेनदेन का इस्तेमाल वित्तीय लाभ हासिल करने और धन के वास्तविक स्रोत को छिपाने के लिए किया गया.
शेल कंपनियों के जरिए धन के लेनदेन का दावा
चार्जशीट में ईडी ने दावा किया है कि पूरे नेटवर्क में कई कंपनियों और व्यक्तियों की भूमिका सामने आई है. एजेंसी के अनुसार, शेल कंपनियों के माध्यम से धन का प्रवाह इस तरह दिखाया गया कि वह वैध कारोबारी आय जैसा प्रतीत हो. मामले की जांच धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत की जा रही है.
चार्जशीट के बाद अदालत में आगे बढ़ेगी सुनवाई
ईडी ने इस मामले में 9 मई को संजीव अरोड़ा को गिरफ्तार किया था. एजेंसी का कहना है कि गिरफ्तारी से पहले कई स्थानों पर तलाशी के दौरान दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन से जुड़े साक्ष्य जुटाए गए थे. बाद में अदालत से रिमांड लेकर पूछताछ भी की गई. अरोड़ा की जमानत याचिका पर तत्काल राहत नहीं मिली थी.
अब चार्जशीट दाखिल होने के बाद मामले की सुनवाई अदालत में आगे बढ़ेगी. अदालत ईडी की ओर से पेश साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया तय करेगी. समाचार लिखे जाने तक संजीव अरोड़ा की ओर से चार्जशीट पर कोई नई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.