झारखंड में इस बार मानसून ने जबरदस्त दस्तक दी है। यह बारिश जहां धान की खेती करने वाले किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है, वहीं सब्जी उगाने वाले किसानों के लिए मुसीबत बन गई है। जमशेदपुर के आसपास के ग्रामीण इलाकों में लगातार चार दिनों से हो रही वर्षा ने सब्जी किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। इसका सीधा असर स्थानीय बाजारों में दिखने लगा है, जहां सब्जियों की कीमतें तेजी से बढ़ गई हैं।
अगरएक सप्ताह पहले तक जो भिंडी ₹20 प्रति किलो बिक रही थी, वह अब ₹40 से ऊपर पहुंच चुकी है। लौकी, करेला और टमाटर जैसी दूसरी मौसमी सब्जियों के दाम भी दोगुने हो चुके हैं। खेतों में बारिश का पानी भर जाने से फसलें बर्बाद हो गई हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। अब किसान मायूस हैं और दोबारा से खेतों में मेहनत करने की तैयारी कर रहे हैं।
आपको बता दें कि सरायकेला-खरसावां, पुरुलिया, बोड़ाम, पोटका और चाकुलिया जैसे इलाकों से जमशेदपुर में हरी सब्जियों की आपूर्ति होती है। लेकिन लगातार बारिश ने इन क्षेत्रों के किसानों की कमर तोड़ दी है। किसानों का कहना है कि जब तक नई फसल तैयार नहीं हो जाती, तब तक बाजार में महंगाई बरकरार रहेगी। ऐसे में पहले से ही महंगाई से परेशान आम लोगों के लिए अब हरी सब्जियां खरीदना और भी मुश्किल हो गया है।