Ranchi: प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीएलएफआई (PLFI) से जुड़े अरविंद उरांव को रांची की एक स्थानीय अदालत ने बड़ी राहत दी है। मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने अरविंद उरांव को सभी आरोपों से बरी कर दिया है। अदालत में अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ ठोस और पुख्ता सबूत पेश करने में नाकाम रहा।
अदालत ने दिया बेनिफिट ऑफ डाउट
इस मामले की सुनवाई रांची के अपर न्याययुक्त ओंकार नाथ चौधरी की अदालत में चल रही थी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद, अदालत ने पाया कि आरोपी के खिलाफ आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं हैं। इसके बाद अदालत ने बेनिफिट ऑफ डाउट (संदेह का लाभ) देते हुए अरविंद उरांव को दोषमुक्त करार दिया।
क्या था पूरा मामला?
यह मामला साल 2021 का है। 22 जनवरी 2021 को रांची के सुखदेवनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत बाजरा दीपाटोली में पंडरा ओपी पुलिस ने तड़के एक गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी की थी। पुलिस को सूचना मिली थी कि अरविंद उरांव ने अपने घर में अवैध हथियारों का जखीरा छिपाकर रखा है।
पुलिस ने किया था कार्बाइन बरामदगी का दावा
इस छापेमारी के दौरान पुलिस ने अरविंद उरांव के घर से एक अत्याधुनिक कार्बाइन, दो मैगजीन और 9 एमएम के तीन जिंदा कारतूस बरामद करने का दावा किया था। हथियार मिलने के दावे के बाद पुलिस ने अरविंद को मौके से ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। हालांकि, अदालत में यह दावा कानूनी रूप से साबित नहीं हो सका, जिसके कारण आरोपी को बरी कर दिया गया।