आईएनसीओआईएस ने अपने विस्तृत रिपोर्ट में लिखी संपूर्ण जानकारी
इस घटना के बाद आपदा प्रबंधन विभाग ने इस पूरे स्थिति पर अपने पूरी नज़र बनाएं हुए है, जिसके बाद आईएनसीओआईएस ने भी इस भूकंप के बारे में अपनी विस्तृत रिपोर्ट जारी की है.अगर इस रिपोर्ट की बात करें तो इसके अनुसार आया भुकंप बहुत जोरदार नहीं था, जिससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि कोई बड़े खतरे की कोई आशंका नहीं है. रिपोर्ट के अनुसार भूकंप रविवार लगभग 5 बजकर 5 मिनट में महसूस हुआ था, और रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 4.5 दर्ज की गई है. इस भूकंप कम्खया केंद्र तटीय शहर काकीनाडा से 225 किमी दूर समुद्र में था. यह भूकंप समुद्र की सतह से 10 किमी की गहराई में आया था. यह सब की जानकारी प्राप्त होने के बाद तटीय इलाकों के लोगों ने चैन की सांस ली.
सबसे ज्यादा असर विशाखापत्तनम कई कुछ प्रमुख इलाकों में देखने को मिला
भूकंप का सबसे ज्यादा असर विशाखापत्तनम और उसके कुछ प्रमुख इलाकों में देखा गया. वहाँ के निवासियों ने जैसे ही भूकंप महसूस किया लोगों ने तत्परता दिखाते वे सब अपने घरों से बाहर आए हालांकि की कुछ देर बाद स्थिति सामान्य हो गया.
जीवन या संपत्ति को कोई नुकसान नहीं
इस पूरे घटना में किसी भी व्यक्ति की जान या संपत्ति के नुकसान की कोई खबर नहीं है. अधिकारियों ने बताया कि झटके काफी सामान्य और हल्के थे इसलिये निवासियों के बीच अब कोई खबराहट या परेशान होने वाले बात नहीं है. इस पूरे घटना के बाद प्रशासन लगातार पूरे स्थिति पर नियंत्रण रहने के लिए नजर गड़ाई बैठी और सुरक्षा एजेंसियों को पूरी तरह चौकना रखा गया है.
भौगोलिक स्थिति और वैज्ञानिकों का अनुमान
भौगोलिक स्थिति की बात करें वैज्ञानिकों का कहना है कि भूकंप का अक्षांश 16.805 डिग्री उत्तर और देशांतर 84.381 डिग्री पूर्व दर्ज किया गया है.बंगाल की खाड़ी का यह क्षेत्र भूगर्भीय दृष्टिकोण से संवेदनशील है. यहां अक्सर इस तरह के हल्के- फुल्के झटके महसूस होते रहते है, जो समुद्री प्लेटों के खिसकने से आते है. लेकिन लोगों को बेचैनहोन या खबरें वाली कोई बात नहीं है.