चरणबद्ध तरीके से पूरा होगा पूरा कॉरिडोर
रेल मंत्री ने बताया कि पहले सूरत-बिलिमोरा सेक्शन पर ट्रेन चलाई जाएगी. इसके बाद परियोजना का विस्तार चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा. योजना के तहत वापी से सूरत, वापी से अहमदाबाद, अहमदाबाद से ठाणे और आखिर में अहमदाबाद से मुंबई तक पूरे कॉरिडोर पर सेवा शुरू करने की दिशा में काम किया जाएगा.
उन्होंने कहा कि भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है और यह देश में हाई स्पीड रेल नेटवर्क के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी.
हैदराबाद को मिलेगा हाई स्पीड रेल नेटवर्क
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भविष्य में हैदराबाद को देश के प्रमुख हाई स्पीड रेल केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा. उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल के तहत शहर को तीन प्रस्तावित बुलेट ट्रेन कॉरिडोर से जोड़ने की योजना है. इनमें पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-चेन्नई और हैदराबाद-बेंगलुरु मार्ग शामिल हैं.
रेल मंत्री के मुताबिक, इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद प्रमुख शहरों के बीच यात्रा का समय काफी घट जाएगा. उन्होंने कहा कि पुणे से हैदराबाद की यात्रा करीब दो घंटे, हैदराबाद से मुंबई लगभग दो घंटे 50 मिनट, अमरावती करीब एक घंटा 10 मिनट, चेन्नई लगभग तीन घंटे और बेंगलुरु करीब दो घंटे 35 मिनट में पूरी होने का अनुमान है.
तेलंगाना में रेलवे विकास पर भी जोर
रेल मंत्री ने बताया कि तेलंगाना में रेलवे बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए बड़े पैमाने पर निवेश किया जा रहा है. उनके अनुसार, राज्य के लिए 5,400 करोड़ रुपये का रेलवे बजट स्वीकृत किया गया है, जिससे कई विकास परियोजनाओं को गति मिलेगी.
उन्होंने कहा कि हाई स्पीड रेल कॉरिडोर शुरू होने से निवेश, उद्योग, रोजगार और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा. रेल मंत्री के अनुसार, बुलेट ट्रेन परियोजनाएं केवल तेज यात्रा का साधन नहीं होंगी, बल्कि आधुनिक परिवहन व्यवस्था और देश की अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती देंगी.