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  • 2026-07-16

Potka News: जादूगोड़ा रंकिनी मंदिर पर्यटन परियोजना का भारी विरोध, ग्रामीणों ने फूंका विधायक संजीव सरदार का पुतला

Potka News: जादूगोड़ा के रंकिनी मंदिर में प्रस्तावित पर्यटन विकास परियोजना को लेकर पोटका प्रखंड के पांच आदिवासी गांवों में विरोध तेज हो गया है। मंगलवार शाम रोहणीबेड़ा समेत पांच गांवों की संयुक्त ग्राम सभा के बैनर तले सैकड़ों ग्रामीणों ने जादूगोड़ा मोड़ चौक पर प्रदर्शन किया और पोटका विधायक संजीव सरदार का पुतला दहन किया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और बच्चे शामिल हुए, जिन्होंने पैदल मार्च निकालकर संवैधानिक ग्राम सभा को मान्यता देने और उसके अधिकारों के सम्मान की मांग की।


ग्राम सभा की अनुमति के बिना काम का आरोप

ग्रामीणों का कहना है कि जादूगोड़ा स्थित रंकिनी मंदिर पांचवीं अनुसूचित क्षेत्र में आता है, जहां पेसा कानून लागू है। इसके बावजूद पर्यटन विभाग की करीब 19 करोड़ रुपये की विकास योजना ग्राम सभा की अनुमति के बिना संचालित की जा रही है। संयुक्त ग्राम सभा ने मांग की है कि ग्राम सभा की सहमति के बिना किसी भी प्रकार का विकास कार्य नहीं किया जाए और वर्तमान परियोजना पर तत्काल रोक लगाई जाए।


विधायक और प्रशासन पर अनदेखी का आरोप

संयुक्त ग्राम सभा के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि इस मुद्दे को लेकर वे पहले विधायक संजीव सरदार से भी मिले थे, लेकिन उनकी शिकायतों का समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि जिला प्रशासन को इस संबंध में पांच बार लिखित आवेदन दिया गया और जांच के आदेश भी जारी हुए, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्य लगातार जारी रहा।


निर्माण कार्य रुकवाकर लगाए पोस्टर

विरोध प्रदर्शन के दौरान रोहणीबेड़ा, बड़ा झरना हिल, चाटीकोचा, टिलाईटांड़ और भाटीन गांव की संयुक्त ग्राम सभा ने मंदिर परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों को रोक दिया। ग्रामीणों ने धूमकुड़िया भवन समेत विभिन्न निर्माण स्थलों पर पोस्टर चिपकाकर जांच पूरी होने तक गैर-जरूरी निर्माण कार्य बंद रखने की घोषणा की।


सरकार को चेतावनी, योजना रोकने की मांग

संयुक्त ग्राम सभा के अध्यक्ष रणजीत टुडू ने राज्य सरकार से ग्राम सभा की अनुमति के बिना चल रही 19 करोड़ रुपये की योजना पर तत्काल रोक लगाने और संवैधानिक ग्राम सभा के अधिकारों का सम्मान सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जांच पूरी होने से पहले दोबारा निर्माण कार्य शुरू किया गया और कोई अप्रिय घटना हुई, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित विभाग की होगी।

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