CJP Government Meeting: NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले को लेकर जारी आंदोलन के बीच आज कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और केंद्र सरकार के बीच तीसरे दौर की अहम बैठक होने जा रही है. इस बैठक को आंदोलन की दिशा तय करने वाला माना जा रहा है, क्योंकि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर सरकार का रुख आज स्पष्ट हो सकता है.
बैठक में CJP की ओर से सौरभ दास और आशुतोष रांका शामिल होंगे, जबकि सरकार का प्रतिनिधित्व केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह करेंगे.
लिखित आश्वासन की मांग पर अड़ा CJP
बैठक से पहले CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि सरकार ने दोपहर 3:30 से 4:00 बजे के बीच बातचीत का समय दिया है, हालांकि बैठक का स्थान अभी तय नहीं हुआ है.
उन्होंने कहा कि जिन दो मांगों पर सरकार ने पहले सैद्धांतिक सहमति जताई है, उन पर अब संगठन लिखित आश्वासन चाहता है. उनके मुताबिक, लिखित पुष्टि मिलने के बाद ही उन मुद्दों को समाप्त माना जाएगा.
सोनम वांगचुक पर टिप्पणी को लेकर जताई नाराजगी
आशुतोष रांका ने सोनम वांगचुक की आलोचना करने वालों पर भी नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि 26 दिनों तक भूख हड़ताल कर अपनी जान जोखिम में डालने वाले व्यक्ति पर इस तरह के हमले दुर्भाग्यपूर्ण हैं. उन्होंने कहा कि देश के युवाओं के मुद्दे पर संघर्ष करने वाले व्यक्ति को निशाना बनाना उचित नहीं है.
कांग्रेस नेताओं की टिप्पणियों पर भी दिया जवाब
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद द्वारा सोनम वांगचुक को "अन्ना पार्ट टू" बताए जाने और सरकार से कथित निजी समझौते जैसे आरोपों पर भी CJP ने प्रतिक्रिया दी. आशुतोष रांका ने कहा कि संगठन का ध्यान छात्रों की मांगों और आंदोलन के मुद्दों पर है. उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक पर व्यक्तिगत सवाल उठाना उचित नहीं है.
जंतर-मंतर पर बढ़ाई गई सुरक्षा
दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी रहने के बीच सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है. दिल्ली पुलिस ने इलाके में फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) से लैस AI आधारित मोबाइल सर्विलांस वैन तैनात की हैं, ताकि प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखी जा सके.
बैठक के नतीजे पर टिकी आंदोलन की दिशा
आज की बैठक को लेकर सभी की नजरें केंद्र सरकार के अगले कदम पर हैं. यदि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे या अन्य प्रमुख मांगों पर स्पष्ट निर्णय सामने नहीं आता, तो CJP ने आंदोलन को आगे बढ़ाने के संकेत दिए हैं. वहीं सरकार की ओर से क्या प्रस्ताव रखा जाता है, इस पर आंदोलन की अगली रणनीति निर्भर करेगी.