Hazaribagh News: हजारीबाग के उपायुक्त (DC) हेमंत सती ने सदर अस्पताल का अचानक दौरा कर संपूर्ण चिकित्सा महकमे और व्यवस्थापकों में अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया. उन्होंने अस्पताल पहुंचकर रोगियों को दी जा रही चिकित्सीय सुविधाओं, ढांचे की बनावट, जीवन रक्षक तंत्रों की क्रियाशीलता और भिन्न-भिन्न अनुभागों की ज़मीनी कार्यशैली का गहराई से जायजा लिया. इस दौरान किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरतने की कड़ी ताकीद करते हुए उन्होंने प्रबंधन को रोगियों को उत्कृष्ट और गुणवत्तायुक्त इलाज प्रदान करने का सख्त हुक्म दिया.
बंद लिफ्ट देख अधिकारियों की लगाई क्लास
पड़ताल के प्रारंभ में ही उपायुक्त ने पीड़ितों की सुविधा के वास्ते वार्ड बॉय की चौबीसों घंटे उपस्थिति और उनके कर्तव्यों की सूची का मुआयना किया. उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि अस्पताल में जनशक्ति का कोई अभाव नहीं होना चाहिए. तत्पश्चात जब वे विभिन्न विभागों को देखने निकले, तो ऊपरी मंजिलों तक जाने वाली लिफ्ट अकस्मात ठप मिली. इस पर भारी अप्रसन्नता प्रकट करते हुए DC ने उपस्थित उत्तरदायी अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और तकनीकी दल को अभिलंब लिफ्ट चालू करने की समयसीमा दी, ताकि लाचार मरीजों और उनके परिजनों को सीढ़ियों की मशक्कत न सहनी पड़े.
ENT OPD में खुद बैठ कराई कान की जांच, आयुष्मान केंद्र की भी समीक्षा
चिकित्सकीय सेवाओं का स्तर परखने के लिए DC सीधे नाक-कान-गला (ENT) ओपीडी में प्रविष्ट हुए. वहां उपलब्ध उपकरणों और सुविधाओं को प्रत्यक्ष अनुभव करने के उद्देश्य से वे स्वयं मरीज की सीट पर आसीन हो गए और चिकित्सक से अपने कान का परीक्षण करवाया. उन्होंने तंत्रों की कार्यकुशलता और ओपीडी व्यवस्था को स्वयं जांचकर संतोष प्रकट किया. इसके अतिरिक्त उन्होंने परिसर स्थित आयुष्मान भारत केंद्र का रुख किया और कर्मियों को ताकीद की कि यहां आने वाले हर निर्धन व पात्र लाभार्थी का बिना टालमटोल निर्धारित अवधि में कार्ड तैयार कर दिया जाए.
मेडिकल सुपरिटेंडेंट को तुरंत दिए आदेश
निरीक्षण के दौरान आउटसोर्सिंग संस्था के माध्यम से सेवा दे रहे स्वास्थ्यकर्मियों ने उपायुक्त से भेंट कर महीनों से अटका मानदेय न मिलने की व्यथा व्यक्त की. कर्मियों की इस गंभीर समस्या पर तत्काल संज्ञान लेते हुए DC ने मौके पर ही चिकित्सा अधीक्षक को तलब किया और आउटसोर्सिंग एजेंसी संबंधी प्रक्रियाओं को निबटाकर बकाए मानदेय का तुरंत भुगतान कराने का आदेश जारी किया.
DC हेमंत सती ने साफ शब्दों में कहा कि सदर अस्पताल जिले का सबसे मुख्य और विश्वसनीय आरोग्य केंद्र है. यहां सुदूर ग्रामीण अंचलों से आने वाले प्रत्येक पीड़ित और असहाय नागरिक को न केवल तुरंत उपचार व औषधियां मिलनी चाहिए, बल्कि कर्मियों का आचरण भी हमदर्दी भरा होना चाहिए. उन्होंने सचेत किया कि अस्पताल की कार्यप्रणाली पर वे स्वयं निगाह रखेंगे और किसी भी बिंदु पर ढिलाई पाए जाने पर विभागाध्यक्षों की जिम्मेदारी तय की जाएगी.