CJP Protest Ends: केंद्र सरकार और CJP के बीच चल रहा टकराव अब खत्म हो गया है। कई दिनों से जारी विरोध प्रदर्शन और मांगों को लेकर दोनों पक्षों के बीच लगातार बातचीत चल रही थी। तीन चरणों की बैठक के बाद आखिरकार सहमति का रास्ता निकला और संयुक्त प्रेस वार्ता में समझौते की जानकारी साझा की गई। प्रेस वार्ता में बताया गया कि सरकार ने CJP की ओर से रखी गई प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया है। दोनों पक्षों के बीच हुए समझौते को आंदोलन की बड़ी उपलब्धि के तौर पर पेश किया गया। संगठन की ओर से कहा गया कि बातचीत का माहौल सकारात्मक रहा और सरकार ने उठाए गए मुद्दों पर कार्रवाई का भरोसा दिया है।
आंदोलन के दौरान दर्ज मामलों से मिलेगी राहत
समझौते का सबसे बड़ा असर उन प्रदर्शनकारियों को मिलेगा, जिनके खिलाफ आंदोलन के दौरान पुलिस कार्रवाई हुई थी। सरकार ने प्रदर्शन से जुड़े मामलों में दर्ज एफआईआर वापस लेने का फैसला किया है। इससे आंदोलन में शामिल छात्रों और अन्य लोगों को कानूनी राहत मिलेगी। सरकार के साथ सहमति बनने के बाद CJP ने अपना विरोध प्रदर्शन समाप्त करने की घोषणा कर दी। संगठन के प्रतिनिधियों ने कहा कि जिन मुद्दों को लेकर आंदोलन शुरू किया गया था, उन पर सरकार के साथ विस्तृत चर्चा हो चुकी है। अब आगे की प्रक्रिया बातचीत और तय किए गए समझौते के आधार पर होगी।
जंतर-मंतर खाली करने की अपील
दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में छात्र परीक्षा व्यवस्था में सुधार और जवाबदेही की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी उठाई थी। आंदोलन समाप्त होने के बाद दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से जंतर-मंतर से हटने और अपने घर लौटने की अपील की है। पुलिस के अनुसार, सुरक्षा कारणों से बंद किए गए कुछ मेट्रो स्टेशनों को भी हालात सामान्य होने के बाद धीरे-धीरे खोला जा रहा है।
परीक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार ने उठाए कई कदम
पेपर लीक विवाद के बीच केंद्र सरकार की ओर से कई प्रशासनिक फैसला लिया गया हैं. परीक्षा संचालन व्यवस्था में सुधार के लिए बदलाव किया गया। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के 47 कर्मचारियों और अधिकारियों पर कार्रवाई की गई। इसके अलावा पेपर लीक मामलों की सुनवाई तेजी से पूरी करने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था पर भी काम शुरू किया गया।
सोनम वांगचुक ने भी समाप्त किया अनशन
सरकार की ओर से मिले आश्वासन के बाद शिक्षा सुधारक और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना अनशन खत्म कर दिया था। उन्होंने सरकार के कदमों को आगे की प्रक्रिया के लिए सकारात्मक संकेत बताया था। समझौते के बाद आंदोलन तो समाप्त हो गया है, लेकिन अब सभी की नजर सरकार द्वारा किए गए वादों को जमीन पर लागू करने की प्रक्रिया पर होगी। परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर छात्रों की चिंताएं किस तरह दूर होती हैं, यह आने वाले समय में साफ होगा।